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इजरायल-फिलिस्तीन मामले पर आरएसएस के बड़े नेता का बयान, जानिए क्या कहा

जबलपुर में बोले संघ के भारतीय सह संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एकत्रीकरण और वार्षिक सम्मेलन का आयोजन
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 12 Feb 2018, 11:13 AM IST

israel-palestine peace process RSS leader statement

israel-palestine peace process RSS leader statement

जबलपुर। भारतीय जीवन, दर्शन, संस्कृति की ओर आज पूरी दुनिया देख रही है। हमें लेकर दुनिया का नजरिया बदला है। दुनिया की ५ बड़ी शक्तियों में अब हम शामिल होने के साथ ही खास भूमिका में है। जी-८ से लेकर जी-१५ में शामिल है। पर्यावरण से लेकर आर्थिक नीति तय करने में हमारी उपेक्षा नहीं की जा सकती है।
ये बातें रानीताल वेलोड्रम स्टेडियम में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एकत्रीकरण और वार्षिक सम्मेलन में मुख्य वक्ता और संघ के भारतीय सहसंपर्क प्रमुख अरुण कुमार ने कही। उन्होंने कहा, आज वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम में उद्घाटन के लिए हमारे प्रधानमंत्री को बुलाया जाता है। दुनिया की ये अपेक्षा है इजराइल-फिलिस्तीन के झगड़े को सुलझाने में भारत की अहम भूमिका हो।

'देश में आर्थिक विषमता और विघटन की खाई के स्वर बड़ी चुनौती'
रानीताल वेलोड्रम स्टेडियम में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एकत्रीकरण और वार्षिक सम्मेलन हुआ। इसमें स्वयंसेवकों ने ड्रिल, दंड संचालन, व्यायाम, नियुद्ध का प्रदर्शन किया। संघ के भारतीय सहसंपर्क प्रमुख अरुण कुमार ने स्वयंसेवकों को देश के हालात और उपलब्धियों की जानकारी दी।

अरुण कुमार ने कहा, देश में जो चुनौतियां हैं, उनके प्रति जागरूक होकर काम करना होगा। डॉ. अम्बेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा, संविधान ने सभी को कानूनी रूप से एक बनाया, लेकिन देश में ३० प्रतिशत लोग अब भी रोटी, कपड़ा, मकान और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो जन्म के बाद न्यूनतम अधिकार है। आजादी के इतने साल बाद भी देश के अंदर एक राष्ट्र-एक समाज का भाव नहीं ला पाए। आर्थिक विषमता की खाई और विघटन के स्वर बड़ी चुनौती हैं। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक की अवधारणा विघटनकारी है।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एमसी डाबर थे। मंच पर प्रांत संघ चालक डॉ. कैलाश गुप्ता, सह विभाग संघ चालक डॉ. प्रदीप दुबे और संतजन मौजूद थे।