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इस शिव मंत्र में समाई है गायत्री मंत्र की अचूक शक्ति, जाप से दूर हो जाती है बड़ी से बड़ी बीमारी

इस शिव मंत्र में समाई है गायत्री मंत्र की अचूक शक्ति, जाप से दूर हो जाती है बड़ी से बड़ी बीमारी

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Rudra Gayatri Mantra

Rudra Gayatri Mantra

जबलपुर। सृष्टि के संहारक और पालक देवाधिदेव महादेव भगवान साक्षात महाकाल हैं। इनके विभिन्न रूप भक्तों की आस्था का केन्द्र हैं। रूप कोई भी हो भगवान सभी की मनोकामना पूरी करते हैं। भगवान शिव शक्ति के आराध्य देव माने जाते हैं। ज्योतिषाचार्य सचिनदेव महाराज के अनुसार गायत्री मंजरी में वर्णन मिलता है कि शिव आदियोगी हैं।योग के सभी भेदों का गूढ़ ज्ञान शिव को प्राप्त है। शिव के साथ शक्ति का प्रादुर्भाव होता है। इसलिए शिव और शक्ति सदैव साथ रहते हैं। पृथ्वी की प्रथम एवं सबसे बड़ी शक्ति गायत्री माता हैं। गायत्री को महाकाली भी कहा गया है। शिव गायत्री योग ? आत्मा की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। गायत्री मंत्र शिव की आराधना शक्ति है। शिव के साथ गायत्री का जाप सरल और शुभफलदायी है।


बीमार है तो रूद्र गायत्री मंत्र –

घर में कोई बीमार है, या कोई कष्ट नष्ट ही नहीं हो रहा है तो दीक्षा में जो गुरुमंत्र मिला है उसका जप बढाये और सोमवार को घर के आसपास शिव मंदिर हो तो मंदिर में जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, दूध चढ़ा देना फिर दिया जलाकर रख देना और रूद्र गायत्री मंत्र बोलना | मंत्र इस प्रकार है -

ॐ सर्वेश्वराय विद्महे, शूलहस्ताय धीमहि | तन्नो रूद्र प्रचोदयात् ||

मंत्र का अर्थ है - "हे सर्वेश्वर भगवान ! आपके हाथ में त्रिशूल है | मेरे जीवन में जो शूल है, कष्ट है | वो आपके कृपा से ही नष्ट होंगे | मैं आपकी शरण में हूँ ".. ऐसा करने से उस भक्त की रक्षा हो जाती है |

शिव गायत्री मंत्र -

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।

यह शिव गायत्री मंत्र है, जिसका जप करने से मनुष्य का कल्याण संभव है। शिव गायत्री मंत्र का जप प्रत्येक सोमवार को करना चाहिए। शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार से उपवास रखते हुए इस मंत्र का आरंभ करना चाहिए। श्रावण मास में सोमवार को शिव गायत्री मंत्र का जप विशेष शुभ फलदायी माना गया है। शिव गायत्री मंत्र का जप करके शिवलिंग पर गंगा जल, बेलपत्र, धतूरा, चंदन, धूप, फल, पुष्प आदि श्रद्धा भाव से अर्पित करने से शिव एवं शक्ति दोनों की ही कृपा मिलती है।


शिव गायत्री मंत्र के लाभ
पवित्र भाव के साथ विधिपूर्वक शिव गायत्री मंत्र का जप करने से समस्त पापों का नाश हो जाता है। अकाल मृत्यु तथा गम्भीर बीमारियों से मुक्ति के लिए शिव गायत्री मंत्र का प्रतिदिन एक माला जप अत्यंत ही शुभ है। जिन जातकों की जन्म कुंडली में काल सर्प योग हो अथवा राहु , केतु या शनि ग्रह जीवन में पीड़ा दे रहे हों, उन्हें शिव गायत्री मंत्र ka पाठ राहत देता है। जीवन में सुख, समृद्धि, मानसिक शांति, यश, धनलाभ, पारिवारिक सुख आदि की प्राप्ति के लिए शिव गायत्री मंत्र अवश्य करें।