जिस 'मौलश्री वृक्ष' के नीचे ओशो को संबोधि यानी ज्ञान की प्राप्ति हुई थी वह वृक्ष जबलपुर के भंवरलाल पार्क में स्थित है। आज यह वृक्ष भूरे रंग की पृथ्वी तथा घास के बीचों-बीच स्थित है, और एक गहरी संकरी खाई ने इसे चारों ओर से घेरा हुआ है मध्यप्रदेश, जबलपुर के भंवताल उद्यान में इसे धातु के बने गेट से पूरी तरह संरक्षित किया गया है। संबोधि दिवस पर समीप ही बनाए गए ओशो आश्रम में खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें ओशो के विदेशी भक्त भी शामिल होते हैं।