योगिनियों का मंदिर: औरंगजेब के आदेश से तोड़ी गई थीं ये मूर्तियां 

त्रिभुजी कोण मंदिर में योगिनियों की खंडित मूर्तियां हैं, जो सिर्फ देशी ही नही विदेशी पर्यटकों के लिये भी आकर्षण का केंद्र हैं।

(योगिनियों की खण्डित प्रतिमाएं)

जबलपुर। वर्ल्ड हेरिटेज वीक के अवसर पर हम आपको आज चौसठ योगिनी मंदिर की खूबियों के बारे में बता रहे हैं। भेड़ाघाट स्थित इस चौसठ योगिनी मंदिर का निर्माण 10 वीं सदी में हुआ था। जिसे त्रिपुरी के कल्चुरि शासक युवराजदेव प्रथम ने अपने राज्य विस्तार के लिए योगिनियों का आशीर्वाद लेने के उद्देश्य से बनवाया था। त्रिभुजी कोण संरचना पर आधारित इस मंदिर में योगिनियों की खंडित मूर्तियां हैं, जो सिर्फ देशी ही नही विदेशी पर्यटकों के लिये भी आकर्षण का केंद्र हैं।

(गौरीशंकर मंदिर)

गुजरात की रानी गोसलदेवी

योगिनी पूजा परम्परा पर निर्मित इस मंदिर में योगिनियों की प्रतिमाएं 64 नहीं बल्कि 81 हैं। इतिहासकार डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि यह मंदिर त्रिभुजाकार 81 कोणों पर आधारित है, जिसके प्रत्येक कोण पर योगिनी की स्थापना की गई थी। इसी स्थान पर गुप्त काल में सप्त या अष्ट मातृकाएं स्थापित थीं। 12 वीं शताब्दी में गुजरात की रानी गोसलदेवी, जो शैव थीं, ने यहां गौरीशंकर मंदिर बनवाया।

(शक्ति की परिचारिकाएं योगिनियां)

साधना करने आते थे तांत्रिक

तंत्र साधना में योगिनियां विशेष महत्व रखती हैं। योगिनियां शक्ति की परिचारिकाएं मानी जाती हैं। तांत्रिक अपनी तंत्र साधना के लिए इन्हीं योगिनियों को सिद्ध करके उनसे वांछित काम करवाते हैं। इन योगनियों की मूर्तियां आज भी अति प्रभावशाली लगती हैं। बताया जाता है कि उस दौरान ये तंत्र साधना का विशेष केंद्र हुआ करता था। दूर-दूर से तांत्रिक यहां साधना करने और योगिनियों को सिद्ध करने के लिए आते थे।

(शंकर और पार्वती की विवाह प्रतिमा)

रिसर्च का विषय

चौसठ योगिनी मंदिर के केन्द्र में भगवान शंकर और पार्वती की विवाह प्रतिमा स्थापित है। जो देश में एकमात्र है वहीं मंदिर के चारों ओर 84 स्तंभों पर वृत्ताकार दालान बनी है। जिसमें दो प्रवेश द्वार हैं। यह मंदिर नर्मदा और बाणगंगा के संगम पर स्थित 50 फीट ऊंची पहाड़ी पर बनाया गया था। वर्तमान स्वरूप में योगिनियों की खंडित प्रतिमाएं स्थापित हैं। इतिहासकार आनंद सिंह राणा के अनुसार औरंगजेब के आदेश से उसकी सेना ने इन मूर्तियों को खण्डित किया गया था। भेड़ाघाट आने वाले टूरिस्टों के लिए ये विशेष आकर्षण और रिसर्च का विषय हैं।
Abha Sen
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