जबलपुर। जिले में एसडीओपी पाटन के चार्ज में रहते हुए 24 अगस्त 2019 को रेत कारोबारी अमित अग्रवाल से रिश्वत लेते हुए वायरल हुए वीडियो मामले में लोकायुक्त की जांच में घिरे एसएन पाठक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोकायुक्त की कार्रवाई से बचने के लिए एसएन पाठक रविवार रात बीपी बढऩे की परेशानी बता विक्टोरिया में भर्ती भी हो गया, लेकिन ये दांव भी फेल हो गया। लोकायुक्त की आपत्ति पर तीन डॉक्टरों के पैनल ने जांच की तो पाठक शारीरिक रूप से फिट मिला।
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रेत कारोबारी से रुपए लेते वीडियो हुआ था वायरल
सोमवार को लोकायुक्त ने पूछताछ के बाद विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लोकायुक्त से मिली जानकारी के मुताबिक एसडीओपी पाटन रहे एसएन पाठक को पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त ने सर्चिंग के लिए दो दिनों तक पाठक को रिमांड पर लिया था। बावजूद लोकायुक्त टीम पूछताछ में कुछ भी जानकारी प्राप्त नहीं कर पायी। पुलिस विभाग के पैंतरों से वाकिफ एसएन पाठक ने वायस सेम्पल देने से भी मना कर दिया।

लोकायुक्त को वायस सेम्पल वायरल हुए वीडियो की पुष्टि के लिए चाहिए था। यहां तक कि लोकायुक्त ने पाठक के भोपाल स्थित गेस्ट हाउस, जबलपुर स्थित पुलिस क्वार्टर में रखे सामान और बनारस में घर की सर्चिंग में मिले सामानों की जब्ती पर भी हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। 24 अगस्त 2019 को जबलपुर जिले के पाटन एसडीओपी रहे एसएन पाठक और रेत कारोबारी अमित अग्रवाल का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें पाठक वर्दी में अग्रवाल से 500-500 रुपए की गड्डियां गिनते हुए दिख रहा था। विभागीय जांच के बाद उन्हें निलम्बित करते हुए पीएचक्यू अटैच कर दिया गया था।
अब तक ये मिला
लोकायुक्त जबलपुर ने सात मार्च को एसएन पाठक के भोपाल स्थित गेस्ट हाउस, जबलपुर में ओमती थाने के बगल स्थित सरकारी आवास और बनारस में 1500 वर्गफीट में बने आवास में एक साथ सर्चिंग अभियान चलाया था। तीनों ही स्थानों से लगभग एक करोड़ की सम्पत्ति का पता चला है। इसमें 70 हजार रुपए, कार, बाइक, 550 ग्राम के लगभग सोने के जेवर, गृहस्थी के सामान आदि मिले हैं।