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राम मंदिर पर शंकराचार्य का बड़ा बयान, नेताओं को दी ये चेतावनी, देखें वीडियो

राम मंदिर पर शंकराचार्य का बड़ा बयान, नेताओं को दी चेतावनी

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राम मंदिर पर शंकराचार्य का बड़ा बयान, नेताओं को दी ये चेतावनी

जबलपुर। लोकसभा चुनाव की दस्तक और प्रयागराज में कुंभ की शुरुआत के साथ अयोध्या राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। द्विपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने तो एक तरह से इसके लिए चेतावनी दे दी है। गोटगांव श्रीधाम स्थित आश्रम में प्रवासरत शंकराचार्य ने दो टूक कहा है कि राम मंदिर का निर्माण कर पाना किसी राजनीतिक पार्टी के वश की बात नहीं है। अवसर मिला तो इसके लिए संत ही शिलान्यास करेंगे। इसके लिए प्रयाग राज से संतों का एक दल अयोध्या कूच करेगा।

रोक सकें तो रोक कर देंखे
शंकराचार्य ने कहा कि कोई भी राजनीतिक पार्टी अयोध्या में राम मंदिर नहीं बना सकती क्योंकि हमारे देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है। इस वजह से राजनीतिक पार्टियां मंदिर के निर्माण का काम नहीं कर सकतीं। पत्रिका को दिए विशेष इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हम खुद राम मंदिर के लिए शिलान्यास करेंगे और मंदिर बनाएंगे। यदि हमें कोई रोकेगा तो पता चलेगा कि उस पार्टी की असलियत क्या है। शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने मंदिर बनाने के लिए एक समिति का गठन भी कर लिया गया है। यही समिति मंदिर का निर्माण कराएगी। शंकराचार्य ने चेतावनी दी है कि वह मंदिर बनाएंगे यदि कोई रोक सकता है तो रोक कर देख ले।

धर्म संसद में होगा निर्णय
द्वारिका एवं ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बताया कि प्रयागराज में 28 जनवरी से धर्म संसद का शुभारंभ होगा। इसका समापन 30 जनवरी को होगा। धर्म संसद में देश भर से आए संत व प्रबुद्धजन शामिल होंगे। इस दौरान राम मंदिर निर्माण समेत सनातन धर्म से जुड़े कई मसलों पर चिंतन-मंथन किया जाएगा। यहां संतों से चर्चा के उपरांत स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती के साथ संतों का एक प्रतिनिधि मंडल अयोध्या के लिए कूच कर जाएगा। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती फिलहाल यहां गोटेगांव झोंतेश्वर स्थिति मणिदीप में रुके हुए हैं। उल्लेखनीय है कि इस मसले पर कुछ समय पूर्व उन्होंने अयोध्या आए स्वामी राघवाचार्य से भी मंत्रणा की। महाराजश्री का आशीर्वाद लेते हुए स्वामी राघवाचार्य ने भी राम मंदिर के निर्माण के लिए पहल का संकल्प दोहराया था।

चार शिलाएं भी तैयार
झोंतेश्वर में चर्चा के दौरान शंकराचार्य ने बताया कि श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए चार शिलाएं तैयार हो गई हैं। इनका नाम नंदा, भद्रा, जया और पूर्णा रखा गया है। धर्म संसद के बाद प्रयाग राज से उनकी अगुवाई में संत इन्हीं शिलाओं को लेकर अयोध्या प्रस्थान करेंगे। उनके साथ राम भक्तों का बड़ा प्रतिनिधि मंडल भी शामिल रहेगा।

उधर भी कड़ी चेतावनी
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर निर्माण के मसले पर अन्य संतों ने भी मोर्चा सम्हाल लिया है। कई संतों ने तो राजनीतिक दलों तक को आड़े हाथों ले लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मंहत नरेंद्र गिरी ने भी एलान कर दिया है कि यदि अयोध्या में कुंभ मेले से पहले राममंदिर निर्माण पर फैसला नहीं हुआ, तो नागा संन्यासी अयोध्या के लिए कूच करेंगे। महंत ने कहा है कि कुंभ मेले में होने वाली विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की धर्म संसद में देश भर से जुटे साधु संत राम मंदिर के निर्माण पर विचार-विमर्श करेंगे। यहीं पर मंदिर निर्माण के लिए पहल का निर्णय लिया जाएगा।