
shortage of water
जबलपुर । शहर का जलस्तर 35 फीट तक नीचे चला गया है। पांच साल में यह गिरावट दर्ज की गई है। अकेले एक साल में ही जलस्तर दो से ढाई मीटर तक नीचे जा चुका है। पिछली बार कम बारिश के कारण भी शहर में पानी का संकट बढ़ रहा है। 15 वार्ड में छह माह से एक टाइम पानी की कटौती की जा रही है। कई अन्य वार्ड में नलों से कुछ मिनट ही पानी मिल रहा है। पानी के इस भीषण संकट के बीच नगर निगम को अब वाटर हार्वेस्टिंग की याद आई है।
एक हफ्ते में बनाओ प्लान
महापौर स्वाति गोडबोले ने एक सप्ताह में निगम के अफसरों को वाटर हार्वेस्टिंग का प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने भवन अधिकारी अजय शर्मा और कार्यपालन यंत्री जल कमलेश श्रीवास्तव व पुरुषोत्तम तिवारी के साथ बैठक भी की है। मानसून आने में एक माह शेष है, अब निगम की विलम्ब से शुरू हुई इस कवायद को लेकर सवाल खड़े किए जाने लगे हैं।
राजसात होगी जमा राशि
नगर निगम में लगभग 37 सौ से ज्यादा लोगों के वाटर हार्वेस्टिंग के 3 करोड़ 87 लाख रुपए जमा हैं। नक्शा स्वीकृति के पहले जमा कराई जाने वाली यह राशि भवन में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के बाद निगम द्वारा वापस कर दी जाती है, लेकिन 10 साल में अब तक केवल 65 लोगों ने ही वाटर हार्वेस्टिंग की राशि वापस ली है। अब निगम जमा राशि को राजसात करने की तैयारी में है। इसके लिए नियम कायदों का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।
बंद बोरिंग बड़ा विकल्प
बारिश में हर साल अरबों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। निगम ने अपने दर्जनों बोरिंग बंद करा दिए हैं, लेकिन अब भी इनके पाइप जमीन में गहराई तक मौजूद हैं। ये बंद बोरिंग वाटर हार्वेस्टिंग के बेहतर विकल्प बन सकते हैं। ऐसे बोरिंग चिंहित किए जा सकते हैं, जिनके पास बारिश का पानी एकत्र होता है।
वर्ष 08-09
में अनिवार्य हुआ था वाटर हार्वेस्टिंग
1506 वर्गफीट से बड़े भवन में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
100 लोगों
ने भी नहीं लगाया वाटर हार्वेस्टिंग
65 ने ही निगम में जमा राशि अब तक ली वापस
3740 लोगों की राशि निगम के खजाने में जमा
3.87 करोड़ वाटर हार्वेस्टिंग के निगम खजाने में
प्लान तैयार करने को कहा गया है
वाटर हार्वेस्टिंग का प्लान तैयार करने को कहा गया है। एक हफ्ते में प्लान तैयार कर इस पर अमल शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में महापौर द्वारा बैठक ली गई है।
कमलेश श्रीवास्तव,
यह कदम काफी पहले उठा लेना चाहिए था
कार्यपालन यंत्री, जल नगर सरकार को यह कदम काफी पहले उठा लेना चाहिए था। बरगी नहर में भी जब भीषण जलसंकट के हालात बने तब नए पंप लगाने की याद आई।
राजेश सोनकर,
नेता प्रतिपक्ष
Published on:
16 May 2018 10:41 am
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