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ऋषियों ने अध्यात्म से ही समझ लिया था संसार का मूल मंत्र

श्रीराम कथा, मंदाकिनी दीदी ने दिए प्रवचन

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shriram katha

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जबलपुर. वर्तमान भौतिक युग में वैज्ञानिक नित नए शोध कार्य में लगे हुए हैं। वहीं प्राचीन काल में ही हमारे ऋषि मुनियों ने अध्यात्म विज्ञान का अन्वेशण करके यह पता लगा लिया था कि संसार के मूल में बीज राम मंत्र ही है। श्री ठाकुर बिहारी कुचैनी ट्रस्ट की ओर से दमोहनाका में आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को मंदाकिनी दीदी श्रीराम किंकर ने ये उद्गार व्यक्त किए।

अध्यात्मिक चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्थूल पदार्थ से वैज्ञानिक शक्ति प्रकट करने में लगा हुआ है, वैसे ही साधक शब्द में छिपी हुई शक्ति को नाम जाप के द्वारा प्रकट करता है। नाम, जप, कथा श्रवण, मानसिक पूजा और ध्यान जैसी शास्त्र में विभिन्न साधना अंत:करण के प्रदूषण को मिटाती हैं। कलियुग में विशेष रुप से नाम जप सबसे सरल और सुलभ साधन है। जब तक मंत्र में छिपी शक्ति को प्रकट नहीं करेंगे, तब तक जीवन में उसका प्रभाव नहीं होगा। जैसे बहुमूल्य हीरे को आप कांच मानकर रख लें तो उससे आपके जीवन की दरिद्रता मिटने वाली नहीं है। आपको उस हीरे का मूल्य करना होगा।

कथा के प्रारंभ में व्यास पीठ का पूजन राजेन्द्र कचैरा, निर्मला कचैरा, कृष्ण दास बरसैंया, मेवालाल छिरौल्या, गोविंद बरसैया, सत्येन्द्र पटेल, नीरज सिंह ने किया। आरती शंभूदयाल बड़ेरिया,आशा बड़ेरिया, विजय सरावगी ने की।

स्थापित होगी मां नर्मदा की २१ फीट ऊंची प्रतिमा
जबलपुर. श्री मातेश्वरी शक्ति पीठ गंगा नगर, गढ़ा में बुधवार से मां नर्मदा प्रतिमा का अनावरण व पार्थिव शिवलिंग निर्माण यज्ञ शुरू होगा। महंत ताराचंद ने बताया कि मां नर्मदा की २१ फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

१८वें पाटोत्सव में शोभायात्रा के साथ भागवत कथा शुरू
जबलपुर. पराम्बाधाम, पोलीपाथर में मंगलवार को नर्मदा पूजन कर शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर मां भगवती राज राजेश्वरी त्रिपुर सुन्दरी का १८वां पाटोत्सव शुरू हुआ। श्रीमद् देवी भागवत के श्लोकों पर आहुति देकर भागवत कथा का शुभारम्भ हुआ। कथा व्यास आचार्य डॉ. बालगोविंद शास्त्री ने देवी महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि त्रैलाक्य में भगवती के महिमा का गुणगान नहीं किया जा सकता है। इसमें ब्रह्मा इत्यादि देवता भी समर्थ नहीं हैं। भगवती की कण मात्र की शक्ति से सारा जगत संचालित है। त्रिपुर सुन्दरी के पद नख में सारा ब्रहमांड स्थित है। डॉ. राजीव लोचन त्रिपाठी, राधेश्याम शास्त्री, दीपक शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन कराया। मुख्य यजमान दीपक मिश्रा, शेफाली मिश्रा, शैलेष चौरसिया, साधना चौरसिया ने व्यास पूजन किया। शोभायात्रा में पार्षद ठाड़ेश्वर महावर, पार्षद प्रतिनिधि अश्वनी पटेल, अभयशंकर प्यासी, शालिगराम राय, जितेन्द्र सिंह, आशीष खुराना, ओंकार दुबे शामिल हुए।