
shriram katha
जबलपुर. 'भक्ति में समर्पण होना चाहिए। निष्काम प्रेम होना चाहिए। प्रभु कहते हैं, जब मेरा भक्तमेरे अतिरिक्तकिसी और को नहीं मानता, तो मैं भी किसी को नहीं जानता। मानसिक पूजा के द्वारा मन के रस की प्यास को भगवान से जोडऩे से परमानंद की प्राप्ति होती है। भगवान सदैव अपने भक्तों का ध्यान रखते हैं।Ó उक्त उद्गार श्री ठाकुर बिहारी जी महाराज कुचैनी मंदिर ट्रस्ट की ओर से एमजीएम मैरिज पैलेस में आयोजित श्रीराम कथा के षष्टम दिवस दीदी मां मंदाकिनी रामकिंकर ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसके मन में रस की प्यास नहीं हो। आम के वृक्ष का एक नाम रसाल भी है। इस रस की वृत्ति यदि संसार और भोग से जुड जाती है, तो व्यक्ति को कामी बना देती है और यही वृत्ति जब भगवान श्रीराम से जुड़ जाती है, तो उसे भक्तबना देती है। दीदी मां ने कहा कि व्यवहारिक जगत के बंधन, भौतिक जगत की मर्यादाओं के कारण साधक अपनी सभी इच्छाओं की पूर्ति नहीं कर पाता। इसलिए शास्त्र ने मन में निहित असीम शक्ति का सदुपयोग करके निरीह ईश्वर को भी प्रेम और भावना के द्वारा अपने वश में करने का मार्ग निकाला। कथा के पूर्व व्यासपीठ का पूजन व आरती पं. वासुदेव शास्त्री, पार्षद श्रीराम शुक्ला, सुनील कुरेले, संतोष सुहाने, विनीता दुबे, सुरेश पहारिया, अनिल सुहाने, श्वेता दुबे ने किया।
मां रेवा की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण आज
जबलपुर. श्री मातेश्वरी शक्तिपीठ गंगानगर गढ़ा में नर्मदा पुराण व शिवलिंग निर्माण का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। महंत ताराचंद्र के सान्निध्य में पूजन-अर्चन किया गया। अधिवक्ता नवीन शंकर शुक्ल ने बताया कि मंदिर परिसर में स्थापित की गई 21 फीट ऊंची मां रेवा की प्रतिमा का अनावरण शुक्रवार को राज्यसभा सांसद संजय सिंह करेंगे। राघवदेवाचार्य सुखानंद महाराज, स्वामी गिरीशानंद, दंडी स्वामी कालिकानंद, सेवा संस्थान के एके पांडे, शिव कुमार पचौरी, एके चाचोंदिया, मुकेश शर्मा थे।
भव्य कलश शोभायात्रा के साथ श्रीराम कथा प्रारम्भ
जबलपुर. मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को संगीतमय रामकथा एवं रामलीला मंचन का शुभारम्भ हुआ। श्रीराम कथा से पहले शोभा यात्रा निकाली गई। स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के सानिध्य में शोभायात्रा मेडिकल से शुरू होकर शास्त्रीनगर में भ्रमण करते हुए कथा प्रांगण गणेश मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में धर्म ध्वज लिए संत, १०१ महिलाएं सिर पर कलश लिए, अश्वारोही दल, राम-जानकी, लक्ष्मण हनुमान सहित सम्पूर्ण राम दरबार और श्याम बैंड की सुमधुर रामधुन की प्रस्तुति ने पूरा माहौल भक्तिमय बना दिया। इसके बाद स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती ने संगीतमय श्रीराम कथा का वाचन किया। श्रीराम कथा में आयोजक यजमान प्रमोद तिवारी, उमा तिवारी, चंद्रकुमार भनोत, आदर्श मुनि त्रिवेदी, तरुण भनोत, विनोद गोटिंया, अशोक मनोध्याय, महेश तिवारी, रवि शंकर यादव, सियाराम पटेल, नारायण प्रसाद शुक्ल सहित कई सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।
Published on:
19 Jan 2018 07:30 am
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