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#SkinDonation : लोगों को नया जीवन दे रहा स्किन बैंक, दानवीरों की मदद से घायलों और झुलसे लोगों के चेहरे खिले

#Skindonation लोगों को नया जीवन देगा स्किन बैंक, मेडिकल अस्पताल के स्किन बैंक में स्टोर स्किन के जरिए तीन मरीजों को नया जीवन दिया गया है।

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मेडिकल अस्पताल के स्किन बैंक में स्टोर स्किन के जरिए तीन मरीजों को नया जीवन दिया गया है। अस्पताल में भर्ती बर्न इंजुरी के तीन मरीजों को ये स्किन लगाई गई। प्रदेश में पहले सरकारी अस्पताल में खोले गए स्किन बैंक में कुछ दिन पहले ही एक परिवार के लोगों ने अपने परिजन की स्किन दान की थी।

बड़ी संख्या में मरीजों की हो जाती है मौत
मेडिकल अस्पताल में सालाना तीन सौ के लगभग मरीज बर्न इंजुरी के आते हैं। इनमें से 50 प्रतिशत के लगभग मरीजों की मौत हो जाती है। चिकित्सकों के अनुसार अगर स्किन उपलब्ध हो तो इन मरीजों के काम आ सकती है। सर्जरी कर लगाई गई स्किन मरीज के शरीर पर तीन से चार सप्ताह रहती है, इस दौरान उसकी फिर से स्वयं की स्किन आ जाती है।

गम्भीर एक्सीडेंट केस में होता है स्किन लॉस

रोड एक्सीडेंट से लेकर अन्य दुर्घटनाओं के कई मामलों में मरीजों को स्किन का बड़ा लॉस हो जाता है। मेडिकल अस्पताल में सालाना लगभग डेढ़ सौ ऐसे मरीज आते हैं।

कौन कर सकता है डोनेट

कोई भी इंसान स्किन डोनेट कर सकता है और किसी की भी स्किन, किसी व्यक्ति को लगाई जा सकती है-डोनर यानी दान करने वाले की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए 100 साल का व्यक्ति भी स्किन डोनेट करना चाहता है, तो कर सकता है। स्किन ट्रांसप्लांट के लिए समान ब्लड ग्रुप होने की जरूरत नहीं होती। जेंडर की परवाह किए बिना कोई भी व्यक्ति स्किन डोनेट कर सकता है।

यह है स्थिति

- 300 के लगभग बर्न केस मेडिकल आते हैं सालाना

- 140-150 के लगभग गंभीर रूप से जले मरीजों की हो जाती है मौत

- 500 के लगभग एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल मरीज आते हैं सालाना

- 150 के लगभग मरीज स्किन लॉस के

ये होती है प्रक्रिया
सबसे पहले डोनर का एचआइवी, हेपेटाइटिस बी और सी, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन का टेस्ट करने के लिए ब्लड सैम्पल लिया जाता है। सभी टेस्ट निगेटिव आते हैं तभी डोनर की स्किन का डोनेशन प्रोसेस शुरू किया जाता है। स्किन डोनेशन के लिए शरीर में जांघ, पैर और पीठ को चुना जाता है। शरीर के उक्त हिस्से पहले बीटाडीन से साफ किया जाता है। स्किन को एक स्पेशल इंस्ट्रूमेंट डर्मेटोम से निकाला जाता है। पूरी प्रक्रिया में लगभग 30-45 मिनट का समय लगता है।

ये होता है प्रोसेस

- बैंक में 5 साल स्टोर रखी जा सकती है स्किन

- 12 घंटे में निकालनी होती है स्किन

- 24 घंटे में भी निकाली जा सकती है स्किन अगर बॉडी फ्रीजर में रखी हो

22 लाख रुपए की लागत से मेडिकल अस्पताल में स्किन बैंक तैयार किया गया है। यहां पांच साल तक स्किन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

- डॉ. पवन अग्रवाल, प्लास्टिक सर्जन, मेडिकल अस्पताल

हमीदिया अस्पताल में 4 महीने में शुरू होगी स्किन बैंक

हमीदिया अस्पताल में स्किन बैंक बनाने के लिए एक बार फिर कवायद शुरू हुई है। बर्न एंड प्लास्टी डिपार्टमेंट की ओर से इसके लिए एक प्रपोजल तैयार किया गया है। प्रस्ताव कमिश्नर मेडिकल एजुकेशन को भेजकर बजट मांगा गया है। बजट मिलने पर स्किन बैंक के लिए जरूरी उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाकर स्किन बैंक शुरू करने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की जाएगी। सब कुछ ठीक रहा तो 4 महीने में स्किन बैंक शुरू कर दी जाएगी।