
सांप ने काटा
जबलपुर। वैसे तो सांप का नाम सुनकर ही लोगों को रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लेकिन यदि से डस ले तो बहुत से लोग केवल दहशत में मर जाते हैं। जबकि उसका जहर कुछ समय बाद में असर दिखाता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सांप डस ले तो उस समय धैर्य से काम लें और बिना घबराए तत्काल अस्पताल ले जाएं। कोई भी सांप हो उसका जहर एक समय के बाद ही शरीर में असर करना शुरू करता है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और घरेलू उपायों से पीडि़त को बचाया जा सकता है।
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बचाव की व्यवस्था नहीं विभाग उदासीन
तीन साल में 13 गुना बढ़े सर्पदंश के मामले
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे केस
वहीं जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ रही हैं। तीन साल में सर्पदंश की घटनाओं में 13 गुना से अधिक वृद्धि हो गई है। इसके बाद भी वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग उदासीन है। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2015-16 में सर्पदंश की सिर्फ 13 घटनाएं सामने आई थीं। जारी वर्ष में अब तक 170 लोग सर्पदंश के शिकार हुए हैं। सरकारी अस्पतालों के आकड़ों के अलावा निजी अस्पतालों के आकड़े भी जोड़े जाएं तो स्थिति और भी भयावह नजर आएगी। वन विभाग की रेस्क्यू टीम में एक भी सर्प विशेषज्ञ नहीं हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. एमएम अग्रवाल के अनुसार शहर एवं ग्रामीण अस्पतालों में जहां डॉक्टर पदस्थ हैं, वहां पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं।
हर दिन 50-70 सांपों का रेस्क्यू
शहर में करीब 25 निजी सर्प विशेषज्ञ रेस्क्यू कर रहे हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ मनीष कुलश्रेष्ठ के अनुसार मामले बढ़ गए हैं। प्रत्येक सर्प विशेषज्ञ प्रतिदिन औसतन तीन सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। अनुमान है कि सिर्फ शहर में हर दिन 50 से 70 सांपों का रेस्क्यू हो रहा है।
झाड़-फूंक का भ्रम
जिले में सांपों की 23 प्रजातियों में कोबरा, करैत व रसल वाइपर तीन ही जहरीली प्रजाति हैं। सर्प दंश में लोग झाड़-फंूक में समय बर्बाद करते हैं।
सांपों के हैबीटेट का सर्वे कराकर पता करेंगे कि किन क्षेत्रों में कौन सी प्रजाति के सांप ज्यादा हैं। जहां जहरीली प्रजाति के सांप ज्यादा होंगे, उन क्षेत्रों में जागरुकता बढ़ाई जाएगी। वाइल्ड लाइफ की बैठक में समस्या के समाधान करने की बात की जाएगी।
- डॉ. एम. कालीदुरई, मुख्य वन संरक्षक
ऐसे करें बचाव
- घर के कोने में सामान न रखें
- रात में अंधेरे में न जाएं
- घर में भी जमीन पर न सोएं
- नालियों पर जाली लगा दें
- घर में अनाज या भोजन खुला न छोड़ें
- चूहे आएंगे तो सांप आने का जोखिम होगा
- घर में फेनायल का छिड़वाव करें
- सर्पदंश पीडि़त को पैदल न चलाएं
- चीरा न लगाएं, पट्टीनुमा कपड़े से हल्का बांधें
ऐसे बढ़ी सर्पदंश की घटनाएं
वर्ष सर्पदंश
2015-16 13
2016-17 137
2017-18 170
(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े )
Published on:
01 Aug 2018 03:13 pm
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