
state bar council of mp strike and jabalpur high court latest news
जबलपुर। मध्यप्रदेश के अधिवक्ता सोमवार को अदालतों में गैर हाजिर रहेंगे। स्टेट बार काउंसिल ने अधिवक्ता समुदाय पर बढ़ते जा रहे मारपीट के मामलों व उनके खिलाफ बेवजह पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में 8 जनवरी को प्रतिवाद दिवस घोषित किया है। इस दिन कोई भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। इंदौर में वकील सूरज यादव की गोली मारकर की गई हत्या को वकीलों के इस विरोध की ताजा वजह बताई गई है। काउंसिल की मांग है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागू किया जाए। अधिवक्ताओं के पैरवी नहीं करने से मुवक्किलों को परेशानी से जूझना पड़ेगा।
जजों के खाली पद का भी मुद्दा उछला
वकीलों ने इस हड़ताल के जरिए हाईकोर्ट में जजों के खाली पदों के मामलों की ओर भी ध्यान खींचने की कोशिश की है। काउंसिल के कार्यकारी सचिव मुकेश मिश्रा ने बताया कि हाईकोर्ट में जजों के 20 पद रिक्त हैं। सात जज इस वर्ष रिटायर होंगे। उन्होंने मांग की कि इन पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। ताकि वकीलों और पक्षकारों को राहत मिल सके। मिश्रा ने कहा कि वकीलों के खिलाफ दुर्भावनावश झूठे अपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों के खिलाफ शिकायत आने पर इसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई जाए।
अधिकारियों को सौेंपेगें अपनी मांगों का ज्ञापन
वकीलों की प्रतिनिधि संस्था स्टेट बार काउंसिल ने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने व अन्य मांगें पूरी न होने के चलते यह न्यायिक कार्य से विरक्क्त रहने का निर्णय किया है। विरोध जताने के लिए समस्त वकील सोमवार को स्थानीय स्तर पर एकत्र होकर अधिवक्ता संघों के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौेंपेगें। स्टेट बार काउंसिल के सदस्य मनीष दत्त, राधेलाल गुप्ता, आरके सिंह सैनी, जगन्नाथ त्रिपाठी ने वकीलों से आग्रह किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में एकत्र होकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने में सहयोग दें।
Published on:
06 Jan 2018 01:21 pm
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