
State Cancer Institute
State Cancer Institute and ICMR : महाकोशल में गंभीर मरीजों को उपचार के लिए सुपर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, स्टेट कैंसर यूनिट के बाद अब बोनमेरो ट्रांसप्लांट वरदान बनेगा। प्रदेश की दूसरी बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट जल्दी ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शुरू होगी। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण पूरा होते ही यूनिट शुरू कर दी जाएगी। नए साल में इस यूनिट की शुरुआत हो जाएगी। बीएमटी के शुरू होने पर जेनेटिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों, थैलेसीमिया, सिकलसेल एनीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। निजी अस्पतालों का अपग्रेडशन संस्कारधानी को मेडिकल हब बनाने को तैयार है।
मेडिकल कॉलेज के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन में आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। यहां फेफड़ों की जटिल सर्जरी संभव है। एडवांस लेवल की बीमारियों का भी पता चल सकेगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन में ओटी तैयार हो रही है। एक्सीलेंस स्कूल में अत्याधुनिक तकनीकी पर आधारित मशीनों से फोस्ट आईसोलेशन टेक्नोलॉजी, कार्डियो पल्मोनरी एक्सरसाइज टेस्टिंग, डीएलसीओ, बॉडी प्लेथिस्मोग्राफी व फेफड़ों की एडवांस जांच हो सकती है। सांस नली की दूरबीन व अल्ट्रासाउंड से एक साथ जांच की जा सकती। इससे कैंसर के फोड़े का शुरुआती स्टेज में ही पता लग जाता है।
जबलपुर मेडिकल टूरिज्म का सेंटर भी बन रहा है। यहां की हरी-भरी वादी में इलाज की सुविधा लोगों की सेहत के लिए वरदान बन रही है। कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए राज्य स्तरीय कैंसर संस्थान मेडिकल अस्पताल में स्थापित किया गया है। इस अस्पताल पर महाकोशल, विंध्य, बुंदेलखंड के साथ ही उत्तरप्रदेश व छत्तीसगढ़ से भी मरीज पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नए साल में कैसर अस्पताल का संचालन पूरी क्षमता से होगा। इंस्टीट्यूट में 16 एडवांस मशीन, सिंकाई के लिए तीन लीनियर एक्सीलेटर मशीन मंगाई हैं। ये मशीन थैरेपी की मौजूदा कोबाल्ट मशीन से एडवांस है।
मेडिकल अस्पताल में स्तन कैंसर का अत्याधुनिक इलाज किया जा रहा है, जो मध्य भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल में केवल जबलपुर में ही संभव है। स्तन कैंसर का शुरुआती स्टेज में पता लग जाने पर यहां स्तन को सुरक्षित रखते हुए कैंसर का इलाज किया जा रहा है।
एक दशक में नगर में चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। विशेषकर सुपरस्पेशलिटी सेवाएं बढ़ी हैं लेकिन इनके विस्तार की आवश्यकता है। आबादी के अनुपात में बेड, आईसीयू, विशेषज्ञ बढऩे पर जबलपुर के मेडिकल हब खुलने की राह खुलेगी। इसे पूरे महाकौशल क्षेत्र को फायदा होगा।
टर्सरी केयर चिकित्सा सेवाओं के लिए जबलपुर पर 22 से ज्यादा जिलों के लोगों की निर्भरता है। पिछले कुछ सालों में यहां सरकारी के साथ ही निजी क्षेत्र के अस्पतालों में भी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ है। मेडिकल यूनिवर्सिटी होने के कारण यहां से बढ़ी संया मेडिकल प्रोफेशनल हर साल निकल रहे हैं। नर्मदा किनारे बसे इस शहर के भविष्य में मेडिकल हब बनने की पूरी संभावना है।
Updated on:
26 Dec 2024 11:53 am
Published on:
26 Dec 2024 11:43 am
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