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जबलपुर की नई नवेली सडक़ों को बना देते हैं धूल का गुबार

सडक़ों को उजाडऩे में इनका सबसे बड़ा हाथ

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strongest roads in india

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जबलपुर। रेत से भरे हाइवा, ट्रक और डम्परों के कारण शहर में प्रवेश करने वाली सडक़ें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जो हादसों का सबब बन रहे हैं। कई लोग इन खराब सडक़ों के कारण अपनी जान भी गवां चुके हैं। वाहनों में भी टूट-फूट हो रही है। इसके बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है। विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

परेशान हो रहे वाहन चालक: शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह, वाहनों की भी हो रही टूटफूट
ओवरलोड हाइवा और डम्परों की धमाचौकड़ी से बर्बाद हो रहीं सडक़ें
तिलवारा-मेडिकल सडक़ और अधारताल -महाराजपुर मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहन गुजरते हैं। इनमें क्षमता से अधिक सामान लोड होने के कारण कदम-कदम पर गड्ढे हो गए हैं। डामर उखडऩे से गिट्टियां पूरी सडक़ पर फैल गई हैं। आलम यह है कि वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठता है। इसके बावजूद सडक़ों की मरम्मत नहीं हो रही है।

स्पॉट : 01
मार्ग : अधारताल-महाराजपुर
ये हैं जिम्मेदार : तिलवारा थाना, गढ़ा थाना, ट्रैफिक थाना और खनन विभाग
हालात : यह सडक़ गड्ढों में तब्दील हो गई है। कई जगह स्पीड ब्रेकर भी बनाए गए हैँ। कई स्थानों पर सडक़ के किनारे का हिस्सा भारी वाहनों की आवाजाही से उधड़ गया है। वाहनों की बेढंगी चाल से आए दिन हादसे होते हैं। महाराजपुर के पास गड्ढों में वाहनों का पूरा पहिया समा जाता है।

स्पॉट : 02
मार्ग : मेडिकल-तिलवारा
ये हैं जिम्मेदार : अधारताल थाना पुलिस, ट्रैफिक थाना पुलिस, खनन विभाग
हालात : इस मार्ग से 24 घंटे रेत से भरे हाइवा, डम्पर और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। इससे सडक़ पर कदम-कदम पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर बनाए गए डिवाइडर भी टूट गए हैं। कई स्थानों पर डिवाइडर की रेलिंग सडक़ की तरफ झुकी हुई है। कई स्थानों पर सडक़ नजर नहीं आती।

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