31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

 पांच रुपए के लिए कर दी 10 वीं के छात्र की हत्या, दो को किया अधमरा

तिलवाराघाट में आरोपी ने दिया वारदात को अंजाम, चाट खाने के बाद पैसे नहीं देने पर हुआ विवाद
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

neeraj mishra

•

Updated: 17 Jan 2017, 11:41 PM IST

student murder

student murder

जबलपुर। तिलवाराघाट पर मंगलवार शाम सनसनीखेज अंदाज में एक व्यक्ति ने महज पांच रुपए के विवाद में चाकू मारकर एक छात्र की हत्या कर दी। तिलवाराघाट पर लगे चाट और डोसा के ठेले में एक व्यक्ति ने मंगलवार शाम चाट-डोसा खाया। बिल 55 रुपए का बना। उसने 50 रुपए दिए। महज पांच रुपए न चुकाना पड़े, इसलिए आरोपित ने दुकान संचालक और उसके दो बेटों पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

घटना में दुकान संचालक के छोटे बेटे की मौत हो गई, वहीं दुकान संचालक और उसका बड़ा बेटा वारदात में बुरी तरह जख्मी हो गए। दोनों को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गढ़ा पुलिस ने आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

student murder

मेले में लगाया था ठेला

देवताल हितकारिणी स्कूल के पास रहने वाले बबलू केसरवानी (50) ने बताया कि तिलवाराघाट में आयोजित मेले में उसने चाट का ठेला लगाया था। उसके बगल में बेटे नितिन (26) ने डोसा का ठेला लगाया था। छोटा बेटा हिमांशु (16) व पत्नी अनीता भी ठेले में दोनों की मदद कर रहे थे। शाम के वक्त वहां एक व्यक्ति परिवार के साथ पहुंचा। सभी ने चाट व डोसा खाया। उनके खाने का बिल 55 रुपए बना। बबलू ने आरोपी के कहने पर उसे बिल बताया। आरोपी ने बबलू को 50 रुपए दिए।

पांच रुपए मांगने पर हत्या

बबलू ने पांच रुपए और मांगे, तो आरोपी नाराज हो गया। उसने पास में रखा चाकू निकाला और सीधे बबलू के सीने में घोंप दिया। यह देखकर नितिन और हिमांशु ने पिता को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने नितिन के सीने और हिमांशु के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर चोटें आने के कारण तीनों वहीं गिर गए। आरोपी ने वहां से दौड़ लगा दी।

नितिन ने पीछा किया, तो हमला

नितिन जैसे-तैसे उठा। जान की परवाह किए बगैर वह आरोपी के पीछे भागा। घाट से चंद कदमों की दूरी पर रहने वाला आरोपी अपने घर पहुंचा। जहां उसके साथी मौजूद थे। सभी ने नितिन पर हमला बोल दिया। यहां से जैसे-तैसे जान बचाकर नितिन फिर घाट की ओर भागा।

student murder

दो लोग ले आए थे ऊपर तक

हिमांशु खून से लथपथ हो चुका था। उसके शरीर से लगातार खून बह रहा था। यह देखकर दो युवकों ने हिमांशु को उठाया और तिलवारा के पुराने पुल तक ले गए। तब तक नितिन वहां पहुंच गया। नितिन ने एक एक्टिवा सवार को रोका। जिससे वह हिमांशु को लेकर सीधे मेडिकल अस्पताल पहुंचा। तब तक मां अनीता पिता को लेकर अस्पताल पहुंच गई थी। हिमांशु को डॉक्टर्स ने परीक्षण के बाद जहां मृत घोषित कर दिया, वहीं बबलू को गंभीर चोटें आने के कारण भर्ती कर लिया गया।

10 वीं का छात्र था हिमांशु

नितिन ने बताया कि हिमांशु पढ़ाई में काफी होशियार था। वह हितकारिणी स्कूल गढ़़ा में कक्षा 10 वीं का छात्र था। स्कूल खत्म होने के बाद वह पिता और भाई का ठेले में हाथ बंटाता था। नितिन ने बताया कि वह और उसके पिता आनंदकुंज के पास ठेला लगाते हैं। लेकिन तिलवारा में मकर संक्रांति के पूर्व और उसके बाद मेला भरता है। इसलिए उन्होंने वहां ठेला लगाया था।

आरोपी तक पहुंची पुलिस

गढ़ा थाना सूत्रो की माने तो पुलिस आरोपी तक पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार वारदात को अंजाम देने वाला एक शातिर बदमाश का भाई है। शातिर बदमाश ने कुछ सालों पूर्व एक विकलांग को कार में बांधकर घसीटा था।