
Super Specialty Hospital : नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने ब्रेन और स्पाइन के 12 गंभीर मरीजों की सर्जरी की। 27 वें न्यूरोएंडोस्कोपी फेलोशिप कार्यक्रम के तहत की गई सर्जरियों में इटली, नेपाल, यमन से आए चिकित्सकों ने दूरबीन पद्धति से ब्रेन और स्पाइन की सर्जरी का प्रशिक्षण भी लिया।
न्यूरोएंडोस्कोपी फेलोशिप कार्यक्रम में दिमाग और स्पाइन की जटिल सर्जरी के साथ ही विशेषज्ञों देश के कई रा’यों व दूसरे देशों से आए चिकित्सकों को दूरबीन से जटिल सर्जरी का प्रशिक्षण दिया। मधुरई मेडिकल कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष न्यूरो सर्जरी विभाग प्रो.नटराजन मधुरई, प्रो.आई चेरियन,प्रो.डॉ.वायआर यादव, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.नवनीत सक्सेना, प्रो.विजय परिहार, प्रोफेसर शैलेन्द्र रात्रे, प्रोफेसर जितिन बजाज, प्रोफेसर मलिका सिन्हा, प्रोफेसर केतन हेडू, डॉ.मुकेश शर्मा, डॉ.जयंत पाटीदार, प्रो.अपर्णा तामस्कर, डॉ.नटवर अग्रवाल ने सभी का मार्गदर्शन किया।
युवावस्था में ही साइटिका की बीमारी से पीड़ित हो गए 40 और 45 वर्षीय पुरुष कमर के असहनीय दर्द से परेशान थे। विशेषज्ञों ने दोनों ही मरीजों की स्पाइन की सर्जरी की, जिससे उन्हें दर्द में आराम मिला। इसी तरह से 40 व 41 वर्ष के दो युवकों की गर्दन में सर्वाइकल डिस्क की सर्जरी की।
30 साल की महिला को पूरे समय सिर में असहनीय दर्द रहता था, इतना ही नहीं नजर भी कमजोर पड़ गई थी, जांच में पता लगा था कि उसके बे्रन में ट्यूमर है। दूरबीन पद्धति से महिला की जटिल सर्जर की गई।
55 साल की एक महिला के दिमाग में पानी था जो नाक से धीरे-धीरे बहता रहता था। इसके कारण वह परेशान रहती थी। विशेषज्ञों ने दिमाग का पानी निकालने के साथ ही नाक से पानी बहने के रास्ते को बंद किया। इसी तरहत 60 साल के पुरुष की गर्दन की हड्डी बढ़ जाने के कारण एक नस को दबा रही थी, उसके शरीर में एक हिस्सा निष्क्रिय होता जा रहा था। जटिल सर्जरी कर गर्दन की बढ़ी हुई हड्डी को मुंह के रास्ते निकाला।
Updated on:
31 Mar 2025 05:38 pm
Published on:
31 Mar 2025 05:37 pm
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