
CM Helpline : शहर के अधारताल थाना क्षेत्र में आरपीएफ में पदस्थ एक एएसआइ के घर से 35 लाख रुपए चोरी हो गए। उन्होंने अधारताल पुलिस से शिकायत की। जांच के नाम पर पुलिस मामले को टालती रही। हताश होकर एएसआइ ने सीएम हेल्प लाइन में प्रकरण दर्ज कराया। इसके बाद अधारताल पुलिस ने चार माह बाद शनिवार को एफआइआर दर्ज की।
पुलिस ने बताया कि सुहागी निवासी वीरेन्द्र तिवारी आरपीएफ में एएसआइ हैं। माता-पिता का पिंडदान करने उन्हें गया जाना था। उन्होंने घर में कार्यक्रम रखा। उसमें शामिल होने उनके रिश्तेदार नागपुर निवासी शशिकला मिश्रा, उसकी बेटी पलक मिश्रा और सुनीता द्विवेदी पिछले साल 21 सितम्बर को उनके घर आई। 22 सितम्बर को वीरेंद्र गया चले गए। घर में तीनों के अलावा तिवारी के बेटे आकाश और करण समेत भतीजा आयुष व बहन कुसुम थे। वीरेन्द्र के घर में दीवान में 35 लाख रुपए रखे थे। यह रकम उन्होंने घर खरीदने के लिए जोड़ी थी।
पुलिस के अनुसार शशिकला, पलक और सुनीता ने रुपए चोरी किए और 22 सितम्बर की रात नागपुर चले गए। 23 सितम्बर को वीरेन्द्र लौटे और 27 सितम्बर को बद्रीधाम चले गए। वहां से एक अक्टूबर को जबलपुर लौटे। तब तक उन्हें चोरी की भनक नहीं हुई। एक जनवरी को जब वीरेन्द्र ने दीवान खोला, तो उनके होश उड़ गए। उसमें रखे 35 लाख रुपए गायब थे। पूरे घर में हड़कम्प मच गया। परिजन से पूछताछ में शशिकला, पलक और सुनीता पर संदेह हुआ। उनसे बातचीत की गई, लेकिन उन्होने इंकार कर दिया।
वीरेन्द्र ने मामले की शिकायत अधारताल पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने आवेदन लेकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसके बाद सीएम हेल्प लाइन में मामले की शिकायत की गई। तब जाकर चार माह बाद पुलिस ने एफआइआर दर्ज की।
Updated on:
26 May 2025, 12:37 PM IST
Published on:
26 May 2025, 12:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.