
Jewelers see Dhanteras sales jumping 33% over last year,People bought gold worth Rs 20,000 crore
जबलपुर। दीपावली के प्रकाश से जबलपुर शहर का कारोबार जगमगा उठा है। धनतेरस के दिन से दीपावली तक पूरे तीन दिन लोगों ने खूब खरीदी की। लगभग हर घर में छोटी-बड़ी नई चीजें पहुंचीं। इससे कोरोना के कारण आई सुस्ती दूर हो गई है। अनुमान के अनुसार इस दौरान 215 करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार हुआ। नवरात्र से शुरू हुआ कारोबार दीपावली पर चरम पर रहा। हर क्षेत्र में व्यापार हुआ। यह सामान्य दिनों से 50 से 60 फीसदी अधिक रहा। कुछ प्रमुख क्षेत्रों के ऑफलाइन कारोबार के अलावा ऑनलाइन व्यापार ने भी धूम मचाई। ग्राहकों को अलग-अलग प्रकार के ऑफर मिले। इनका खूब लाभ उन्होंने उठाया।
इन क्षेत्रों में रही ज्यादा चमक
दीपावली पर सबसे ज्यादा चलने वाले कारोबार में सराफा, रियल इस्टेट, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र रहा। अमूमन इन व्यापार में बिक्री होती है। लोगों ने न केवल त्यौहार बल्कि आगामी शादियों के सीजन के लिए सोना और चांदी के आभूषण खरीदे। इस दौरान 40 से 50 करोड़ का कारोबार पूरे जिले में हुआ। रियल इस्टेट में मकान और प्लॉट की खूब पूछपरख हुई। लोगों ने खरीदने के साथ ही इसकी बुकिंग की। ऐसे में 40 करोड़ से ज्यादा का कारोबार इस क्षेत्र में हुआ। इस दौरान सभी बिल्डर्स की 4 से 5 हजार तैयार यूनिट थी, इसमें काफी संख्या में खरीदी हुई। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में पिछले साल की तरह बाजार नहीं रहा लेकिन यह कम भी नहीं था। 280 से 300 के बीच कारें बिकी तो बाइक और स्कूटर की संख्या 2 हजार 500 से अधिक रही। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में टीवी की मांग शीर्ष पर थी। इसी प्रकार वॉशिंग मशीन, फ्रीज, गीजर, होम थियेटर, वेक्यूम क्लीनर तथा एसी भी बिके। इसी प्रकार बर्तन, फर्नीचर, कपड़ा मार्केट में भी अच्छा उछाल आया। इन क्षेत्रों में पूर्व के वर्षों की तरह कारोबार हुआ। यह आगे भी ऐसे चलेगा।
ऑनलाइन ने रिकॉर्ड बनाया
दीपावली के लिए ऑनलाइन कंपनियां भी पीछे नहीं रही। दीपावली से कुछ दिन पहले तक कंपनियों ने भारी ऑफर दिए। इनमें से 90 फीसदी सामग्री डिलेवर भी हो चुकी हैं। आम दिनों की अपेक्षा कई गुना ज्यादा पैकेट्स जिले में पहुंचे। इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रॉसरी, कपड़ा, होम एपलाइंसेज जैसे दूसरे क्षेत्रों में भारी छूट के कारण लोगों ने बुकिंग की। इस दौरान 20 से 25 करोड़ कारोबार हुआ। दीपावली पर पारम्परिक चीजों का कारोबार भी पीछे नहीं रहा है। पटाखों की बात करें तो शहर में 20 से 25 करोड़ कीमत का माल आया था। इसी प्रकार लाई, बताशा, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, पिंड खजूर, सिंघाड़ा, दीया, सजावट की चीजें, रंग-बिरंगी लाइट, मिठाई, बताशा, मिट्टी के खिलौने, गन्ना आदि की बात करें तो इस क्षेत्र में भी आठ करोड़ रुपए के लगभग कारोबार हुआ। इनमें कई व्यापार ऐसे हैं जो कि कम लागत के होते हैं।
Published on:
16 Nov 2020 11:43 pm
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