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निगम ने जारी किए टेंडर, नर्मदा महाआरती में शामिल होने के लिए राशि वसूलने की तैयारी!

व्यावसायिक कदम पर उठे सवाल

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The corporation has prepared the tender for Narmada Maharaati

The corporation has prepared the tender for Narmada Maharaati

जबलपुर. पुण्य सलिला नर्मदा के ग्वारीघाट स्थित उमाघाट में करीब छह साल से प्रतिदिन शाम साढ़े 7 बजे होने वाली महाआरती के लिए नगर निगम ने शनिवार को टेंडर जारी किए। निगम के इस कदम को लेकर शहर में मां नर्मदा के प्रति आस्था रखने वालों के बीच सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, संतों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रियाएं जताई हैं। लोगों ने आशंका जाहिर की है कि इससे निगम कमाई करने की जुगत लगा रहा है। ऐसे में अब यहां आने वाले भक्तों से भी राशि वसूली जा सकती है। अब तक यहां महाआरती में लोग नि:शुल्क शामिल होते हैं। लोगों का यह भी कहना है कि ऐसे में अब पार्र्किंग और अन्य चीजों के लिए भी राशि वसूली जा सकती है। फिलहाल टेंडर को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने से पूरा मामला सवालों के घेरे में है।

यह है स्थिति
फरवरी 2012 से हो रही महाआरती
प्रतिदिन शाम 7.30 बजे है आरती का समय
सैकड़ों की संख्या में सम्मिलित होते हैं लोग
अभी समिति कर रही है संचालन

यह टेंडर में
ग्वारीघाट में हर की पौड़ी की तर्ज पर फरवरी-2012 में नर्मदा जयंती के अवसर पर महाआरती नियमित करने का संकल्प लिया गया। महाआरती में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। विशेष अवसर पर यह संख्या हजारों में पहुंच जाती है। हालांकि, नगर निगम प्रबंधन अभी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं कह रहा है, लेकिन विज्ञापित टेंडर में 20 हजार रुपए के आवेदन फॉर्म के साथ एक लाख रुपए की धरोहर राशि जमा करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त वेद प्रकाश से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर वे उपलब्ध नहीं हो सके।

स्मार्ट सिटी के तहत टेंडर
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नर्मदा महाआरती के लिए टेंडर किया है। अभी अवकाश है। मंगलवार को कार्यालय खुलेगा तो मैं विस्तृत जानकारी दे सकूंगी। नर्मदा महाआरती को हर स्थिति में बेहतर बनाना प्राथमिकता है।
स्वाति गोडबोले, महापौर

ट्रस्ट बनाया जाए
मंदिरों और पवित्र तीर्थों में उपासना का अधिकार परम्परा के अनुसार वहां के पंडे-पुजारियों का है। किसी व्यवस्थित ट्रस्ट की ओर से समाज आधारित व्यवस्था से बदलाव करना उचित होगा।निगम ने जो टेंडर निकाला है, वह ठीक नहीं है।
स्वामी अखिलेश्वरानंद, महामंडलेश्वर

हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए
धार्मिक भावनाएं स्वतंत्र रूप से होनी चाहिए। इस पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस सम्बन्ध में जानकारी ली जाएगी।
जीएस ठाकुर, नगर अध्यक्ष भाजपा जबलपुर

रोज होंगे विवाद
नगर निगम सत्तापक्ष और प्रशासनिक अफसर धर्म में भी ठेकेदारी करके लोगों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। महाआरती के व्यावसायीकरण से रोज विवाद होंगे। सत्तापक्ष नगर निगम की सहमति के बिना ही मनमाने निर्णय ले रहा है।
राजेश सोनकर, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम

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