
Technical fault on RTE portal for three days, parents arrived to apply on the last day
जबलपुर। तकनीकी कारणों से कुछ रिपोटर्स काम नहीं कर रही हैं, उन्हें ठीक करने का काम किया जा रहा है। असुविधा के लिए खेद है। यह लाइन राजस्व विभाग के पोर्टल आरसीएमएस पर कई महीनों से चल रही है। तकनीकी गड़बड़ी से जिले में आम आदमी और इस पर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान हैं। पहले कोई ऑर्डर निकालना हो तो सीधे पोर्टल से अपलोड हो जाता था। अब हितग्राही को यह सीधे नहीं मिल रहे। उन्हें सर्टिफाइड कॉपी के लिए आवेदन करना पड़ रहा है।
नामांतरण, सीमांकन, धारणाधिकार, आवासीय पटटे, राशन कार्ड, डायवर्सन की तरह दूसरे आवेदन इसी पोर्टल पर हो रहे हैं। जबलपुर में अकेले धारणाधिकार के 15 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इसी प्रकार इस पोर्टल पर नामांतरण के करीब 78 हजार 600, सीमांकन के 8 हजार 500 और बंटवारा के तकरीबन 4 हजार 600 आवेदन दर्ज हैं। कई बार इनकी तत्कालीन िस्थति देखने में दिक्कत होती है। ऐसे में काम बाधित होते है। कई बार कुछ प्रक्रिया तो एक से दो दिनों में पूरी हो पाती हैं।
न्यायालयों के ऑर्डर भी मुश्किलइस पोर्टल पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कलेक्टर, एसडीएम और संभागायुक्त के न्यायालयों के ऑर्डर भी अपलोड रहते हैं। अब इसमें सामान्य व्यक्ति के लिए इन न्यायालयों के आदेश को देखना भी मुश्किल हो गया है। अब इसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आवेदन संख्या आधार पर ही देखा जा सकता है।
धारणाधिकार योजना का भार
जानकारों का कहना है कि इस पोर्टल पर सबसे ज्यादा भार धारणाधिकार योजना के आवेदनों का पड़ा है। रोजाना सैकड़ों की तादाद में आवेदन अपलोड होते हैं। इसी पर इसे स्वीकृत और अस्वीकृत करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाती है। ऐसे में सर्वर पर भार बढ़ रहा है। अब संबंधित कर्मचारी अपनी लॉगिन से पोर्टल शुरू करते हैं तो भी उनका काम नहीं बनता है।
पोर्टल को अपडेट करने का काम निरंतर चलता है। ऐसे में कई बार रन टाइम में भी अपडेशन करने पड़ते हैं। इससे कुछ समय के लिए बाधा आती है। पोर्टल पर कई सुविधाओं का पैटर्न भी बदला गया है।
रामचंद्र गुप्ता, कंसल्टेंट, आरसीएमएस, संभाग आयुक्त कार्यालय
Published on:
06 May 2022 08:07 pm
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