
The problems of the customers have increased due to the prices of green vegetables.
जबलपुर. ठंड के समय कीमतों से लोगों को राहत मिली थी। कीमतें तकरीबन 30 से 40 रुपए के बीच थी। लेकिन अब यह 20 से 25 रुपए तेज हो गई हैं। ऐसे में आम आदमी को महंगे दामों में इन्हें खरीदना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी कीमत तो उस समय नहीं हुई जब लॉकडाउन लगा हुआ था। लेकिन आज हर सब्जी 60 रुपए किलो से ज्यादा है। बताया जाता है कि कुछ बिचौलिए गुटबाजी कर रहे हैं। वे बाजार में कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
जिले में भरपूर मात्रा में सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। मौसम भी ऐसा था कि बोवनी के बाद फसलें अच्छी हुई हैं। इसलिए लोगों को हरी सब्जियां ताजी मिलती हैं। लेकिन कीमतें सुनकर उन्हें खरीदने के लिए दस बार सोचना पड़ता है। कुछ सब्जियां जरुर बाहर से आ रही हैं। जिनमें प्रमुख रूप से परबल, बरगटी भिंडी आदि शामिल हैं लेकिन बांकी की पैदावार खूब हो रही है। लेकिन बिचौलियों की मोनोपली के कारण दाम प्रभावित होते हैं। प्रशासन भी इस पर ध्यान नहीं देता है।
टमाटर से राहत, बांकी तेज
टमाटर के दाम बहुत तेज हुआ करते थे लेकिन अभी यह सबसे कम कीमत पर मिल रहा है। बाजार में 10-15 रुपए किलो के बीच इसकी बिक्री हो रही है। इसी तरह हरी मिर्च में भी राहत मिली है। अब यह 50-60 रुपए किलो बिक रही है। जानकारों का कहना है कि मंडी में तो कम कीमत पर सब्जियां आती है लेकिन बाहर निकलते ही कीमतें ज्यादा होजाती है।बिचौलिए अपने मुनाफे के लिए डीजल एवं पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को भी इसके लिए जिम्मेदार बताते हैं।
फलों के दाम भी हैं ऊपर
यही हाल फलों का है। तरबूज, खरबूज 25 से 30 रुपए किलो के बीच बिक रहाहै जबकि इस मौसम में कीमतें लगभग आधी रहती हैं। अंगूर, संतरा, पपीता, केला, चीकू भी महंगे हैं।
ऐसी हैं सब्जियों की कीमत
सब्जी--कीमत
बरबटी 60-70गिलकी 50-60
परबल 70-80भिंडी 50-60
फरासबीन 80-100करेला 60-70
शिमला 50-60कददू 25-30
भटा 30-40आलू 20-25
प्याज 15-20पत्तागोभी 30-40
नोट::: दाम प्रतिकिलो
Published on:
11 Apr 2022 12:09 pm
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