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School Bus बसों में स्पीड गवर्नर था न कैमरा, स्कूल का नाम-पता भी नहीं था

स्कूली वाहनों के नियम विरुद्ध संचालन पर आरटीओ की कार्रवाई

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40 बसों की जांच की, तीन जब्त, कई पर चालानी कार्रवाई भी

जबलपुर. स्कूली वाहनों के नियम विरुद्ध संचालन और उनमें नौनिहालों की जान से खिलवाड़ पर अंकुश लगाने के लिए आरटीओ टीम ने बुधवार को शहर में 40 बसों की जांच की। इनमें से तीन बसों में न तो सीसीटीवी कैमरा था और न ही स्पीड गर्वनर। एक स्कूल बस के चालक के पास फिटनेस और परमिट सर्टिफिकेट भी नहीं था। इस पर आरटीओ टीम ने तीन बसों को जब्त किया। कई बसों पर चालानी कार्रवाई भी की गई।

‘पत्रिका’ ने किया था खुलासा

गौरतलब है कि ’पत्रिका’ ने बुधवार के अंक में ’स्कूली ऑटो में बैठा रहे क्षमता से ज्यादा बच्चे, बसों की भी जांच नहीं’ शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया था। इसमें स्कूली वाहनों की मनमानी को प्रमुखता से उठाया गाय था। खबर को संज्ञान में लेकर आरटीओ ने यह कार्रवाई की।

आरटीओ पॉल ने बताया कि आरटीओ टीम ने बुधवार को दीनानाथ अरोरा के नाम पर रजिस्टर्ड बस एमपी 20 पीए 1197 न तो सीसीटीवी कैमरा था और न ही अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स था। दूसरी बस एमपी 20 पीए 1297 में भी जीपीएस, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ड एड बॉक्स नहीं था। बस में स्कूल का नाम और मोबाइल नम्बर भी नहीं लिखा था। इस पर टीम ने दोनों बसों को जब्त कर लिया।

फिटनेस और परमिट भी नहीं था- स्वरित जैन के नाम पर रजिस्टड्र् स्कूल बस एमपी 20 पीए 1074 में भी स्पीड गवर्नर, जीपीएस, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निमशम यंत्र नहीं था। चालक के पास बस का परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं था। टीम ने बस ऑपरेटर और चालक को फटकार लगाने के बाद वाहन जब्त कर लिया।

जारी रहेगी जांच- आरटीओ पॉल ने बताया कि स्कूली वाहनों की मनमानी रोकने के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी। इसके लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।