
this famous singer singing programe will be held in Bhedaghat
जबलपुर। दुनिया भर में संगमरमरी वादियों के लिए मशहूर भेड़ाघाट में होने वाले नर्मदा महोत्सव में इस बार देश के प्रख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। वैसे तो अपनी दूधिया चट्टानों के लिए भेड़ाघाट की अलग पहचान है। इसे देखने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग आते है। लेकिन नर्मदा महोत्सव के दौरान पर्यटकों को शास्त्रीय संगीत से सजी सुरीली शाम के साथ ही रात में नौकायान का लुत्फ उठाने का भी मौका मिलेगा। प्रशासन ने इस वर्ष नर्मदा महोत्सव को भव्य स्वरुप देने की योजना की तैयार की है। इसमें शास्त्रीय गीत, कथक नृत्य के साथ ही नामचीन बांसुरी वादकों के बीच जुगलबंदी का कार्यक्रम होगा। वहीं, महोत्सव का समापन विश्वविख्यात गायक वडाली ब्रदर्स की धमाकेदार प्रस्तुति के साथ होगा।
शुभारंभ पर गूंजेंगे सोमा घोष के स्वर
महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को गायिका डॉ. सोमा घोष के गायन के साथ होगा। इस दिन कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7.45 बजे कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें जबलपुर के प्रसिद्ध नृत्यमुद्रा कत्थक कला केन्द्र की प्रस्तुति दी जाएगी। राजस्थान की प्रसिद्ध कलाकार सुवा देवी रात 8 बजे प्रस्तुति देंगी। अंतिम प्रस्तुति रात्रि 9 बजे होगी। डॉ. घोष गायन करेंगी, जबकि देबोप्रिया रणदेवे और सुचिस्मिता आचार्य बांसुरी की जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे।
वडाली ब्रदर्स की रहेगी धूम
महोत्सव के दूसरे दिन शाम 7 बजे शाम 7.45 बजे भातखंडे संगीत महाविद्यालय द्वारा लोकनृत्य किया जाएगा। इसके बाद पंजाब के अमरेन्द्र राणा का ग्रुप रात 8 बजे भांगड़ा की प्रस्तुति देगा। अंतिम प्रस्तुति विश्वविख्यात गायक वड़ाली ब्रदर्स की होगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री शरद जैन होंगे। अध्यक्षता महापौर स्वाति गोडबोले करेंगी। दूसरे दिन के मुख्य अतिथि सांसद राकेश सिंह होंगे।
पर्यटकों के लिए 15 दिन पहले ही शुरू किया नौका विहार
पर्यटकों की आवक के मद्देनजर भेड़ाघाट में रविवार से नौकाविहार शुरू कर दिया गया है। इस बार अल्पवृष्टि के कारण नर्मदा में पानी कम है। धुआंधार के आसपास जल स्तर सामान्य है। फिलहाल बरगी बांध के गेट खुलने के भी आसार नहीं हैं। नर्मदा महोत्सव के आयोजन के दौरान आने वाले पर्यटक नौका विहार करने भी पहुंचते हैं। इस सब को ध्यान में रखते हुए इस बार 15 दिन पहले ही नौकाविहार शुरू कर दिया गया है, जबकि हर साल 15 जून से 15 अक्टूबर तक यह बंद रहता है। गौरतलब है कि इस बार सितंबर में ही धुआंधार व आसपास के रमणीय स्थल में सुरक्षा के मद्देनजर रैलिंग लगा दी गई है। हर साल बारिश शुरू होने के पहले रैलिंग निकालकर सीजन खत्म होने के बाद लगाई जाती थीं।
Published on:
04 Oct 2017 08:07 am
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