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बेसब्री से इंतजार था इस रेलवे लाइन का, लेकिन सरकार ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया

जबलपुर-इंदौर नए रेलवे ट्रैक को मिली टोकन मनी, लेकिन दमोह लाइन की उम्मीद टूटी, वर्ष 2021-22 के बजट में गाडरवारा-बुधनी-इंदौर रेल लाइन के लिए एक हजार रुपए का प्रावधान    

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RAILWAY---जोधपुर रेल मंडल ने जीती सम्पूर्ण कार्यकुशलता रनरअप शील्ड

RAILWAY---जोधपुर रेल मंडल ने जीती सम्पूर्ण कार्यकुशलता रनरअप शील्ड

जबलपुर। इंदौर-जबलपुर नई रेल लाइन को आम बजट 2021-22 में टोकन मनी मिलने से तीन वर्ष से लम्बित योजना के आकार लेने की सम्भावना बची है। वहीं, कई साल पहले सर्वे हो चुके जबलपुर से दमोह सीधे रेल लाइन बनने की उम्मीद को झटका लगा है। आम बजट में मिली राशि से रेल मंत्रालय ने इंदौर-जबलपुर सीधी नई रेल लाइन परियोजनों के लिए एक हजार रुपए का प्रावधान किया है। इससे यह तय हो गया है कि रेलवे की दिलचस्पी अभी भी इस ट्रैक को तैयार करने में है। तीन साल पहले सर्वे व डीपीआर बनने के बाद से आगे काम नहीं हुआ था।
जबलपुर-इंदौर रेल लाइन परियोजना
- 342 किमी लंबा रेलमार्ग
- 4320 करोड़ रुपए लागत
- 90 किमी दूरी घट जाएगी
(नोट: तीन वर्ष पहले रेलवे की ओर से कराए गए सर्वे के अनुसार)
गाडरवारा से बनेगा नया रास्ता
पश्चिम मध्य रेलवे की जबलपुर-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना में नया रास्ता गाडरवारा से इंदौर के बीच बनना है। यह लाइन गाडरवारा-उदयपुरा-शाहगंज-बुदनी होते हुए इंदौर को जोड़ेगी। यह परियोजना पिछड़े क्षेत्रों के विकास और इंदौर से जबलपुर एवं दक्षिण भारत की यात्रा को बेहतर और कम समय में पूरा करने वाला बनाने के लिए तैयार की गई है। इस ट्रैक के बनने से इटारसी और भोपाल जाने की जरूरत नहीं होगी। जबलपुर से रवाना होकर ट्रेक गाडरवारा से बुधनी होकर इंदौर जाएगा। रेलवे ने वर्ष 2016-17 में गाडरवारा-बुधनी के रास्ते जबलपुर से इंदौर नया रेल मार्ग बनाने की घोषणा की थी। पहले एक निजी कम्पनी के साथ पीपीपी मोड पर ट्रैक तेयार करने का प्रस्ताव था। कम्पनी के कदम पीछे खींचने पर राज्य सरकार ने आर्थिक भागीदारी का प्रस्ताव देकर रेल लाइन का कार्य शुरू कराने कवायद की थी। नींव पडऩे के बाद से आने वाले बजट में राशि प्राप्त नहीं होने से योजना ठप पड़ी थी। अब बजट में प्रावधान के बाद इस रेल मार्ग परियोजना को नए सिरे से तय करने के साथ ही भूमि अधिग्रहण सहित अन्य कार्य शुरू होने की सम्भावना है।
जबलपुर-गोंदिया दोहरीकरण का इंतजार
जबलपुर-नैनपुर-गोंदिया नैरोगेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदले जाने के बाद इस मार्ग में दूसरी लाइन की योजना के लिए राशि मिलने की उम्मीद की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार बजट में नैरोगेज के अमान परिवर्तन के शेष कार्य को पूरा करने के लिए ही अभी राशि का प्रावधान किया गया है। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे को अमन परिवर्तन के लिए 285.50 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसमें बालाघाट-कटंगी, छिंदवाड़ा-नागपुर, छिंदवाड़ा-मंडलाफोर्ट और नागभीड़-नागपुर रेल लाइन की योजना शामिल है। इस योजना के तहत जबलपुर-नैनपुर-गोंदिया और बालाघाट-कटंगी, नैनपुर-मंडला ओर नागपुर-छिंदवाड़ा के बीच ब्रॉडगेज लाइन तैयार हो चुकी है। नैनपुर-सिवनी-छिंदवाड़ा और कटंगी-तिरोड़ी के बीच लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है।