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लखनऊ का ये शातिर इंजीनियरिंग छात्र, एटीएम में लगाता है सेंध!

पुलिस जांच में खुलासा : आरोपियों ने प्रदेश सहित अन्य राज्यों में निकाले थे लाखों रुपए

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 dent in the ATM

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जबलपुर. पुलिस ने एनसीआर कम्पनी के एटीएम में छेड़छाड़ कर पैसे निकालने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लखनऊ की इंट्रीगल यूनिवर्सिटी में बीटेके के छात्र हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मध्य प्रदेश समेत दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के नाम उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित ग्राम सरसी निवासी विजय यादव, सर्वोदय नगर कानुपर निवासी गगन कटियार और डॉक्टर्स कॉलोनी वाराणसी निवासी अजीत सिंह बताए गए हैं। यह जानकारी बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में दो वारदातें कीं। उनके पास से कार (यूपी 32 एफएस 4275), 65 हजार रुपए, पेंचकस सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपी तीन वर्षों से एटीएम में छेड़छाड़ कर पैसे निकाल रहे थे। यह पहली बार है, जब पुलिस ने उन्हें दबोचा। पुलिस ने अन्य प्रदेशों को भी यह जानकारी भेज दी है।
यह है मामला
एक जून की सुबह लगभग सवा सात बजे विजय यादव गुलौआ चौक स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुंचा। उसने पेंचकस से कैश बॉक्स खोलकर 77 हजार रुपए निकाल लिए। उसने गढ़ा बाजार स्थित एटीएम में छेड़छाड़ कर दस हजार रुपए निकाले थे।
पहले कटनी, फिर जबलपुर में वारदात
एसपी बहुगुणा के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रहते हैं। पैसों की कमी के कारण उन्होंने यह अपराध शुरू किया। वे 30 मई को लखनऊ से गगन की कार से बनारस होते हुए रीवा और फिर कटनी पहुंचे। रास्ते में उन्हें कहीं भी एनसीआर कम्पनी का एटीएम नहीं मिला। 31 मई की रात कटनी में उन्हें एनसीआर कम्पनी के दो एटीएम मिले। अरोपी अजीत ने राजकुमार के एटीएम कार्ड, पेंचकस और चिमटी के जरिए 20 हजार रुपए निकाले। उसने दूसरे एटीएम से अजीत की पत्नी वैभवी सिंह के कार्ड से पैसे निकाले।
होटल सुकून में रुके आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपी 31 मई की सुबह जबलपुर पहुंचे। यहां वे तिलवारा स्थित होटल सुकून में रुके। एक जून की सुबह तीनों कार से एनसीआर कम्पनी के एटीएम की तलाश में निकले। संजीवनी नगर में उन्हें दो एटीएम मिले, जिससे उन्होंने पैसे निकाले।
46 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन
पुलिस टीम ने आरोपी विजय के बैंक खाते की जानकारी जुटाई तो पता चला कि उसके नाम पर तीन खाते हैं। वर्ष 2018 से अब तक एक खाते में 33 लाख, दूसरे में 12 लाख और तीसरे खाते में 96 हजार रुपए (कुल 45 लाख 96 हजार रुपए) का ट्रांजेक्शन हो चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे कभी दोस्तों, कभी रिश्तेदारों और मजदूरों का एटीएम कार्ड 500 से एक हजार रुपए में किराए पर लेते थे।