जबलपुर। ट्रैफिक सिस्टम को कोसने वालों के लिए नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक वार्डन एप के माध्यम से चौराहों-तिराहों को दो घंटे तक नियंत्रित करने का अवसर दिया था, लेकिन आठ महीने में ही शहरवासियों के साथ एप विकसित करने वाले जिम्मेदारों ने भी इसे भुला दिया। ट्रैफिक वार्डन एप को सीएम ने 29 जनवरी को लांच किया था। निगम और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में इस एप के माध्यम से शहरवासियों की मदद से चौराहे व तिराहे का ट्रैफिक नियंत्रित करना था। 18 से 50 वर्ष के बीच का कोई भी शहरवासी एप के माध्यम से पहले रजिस्ट्रेशन कराना था। उसके बाद उसे प्रशिक्षण दिया जाता था।