2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूल रहा था ये टीटीइ, विजलेंस ने दबोचा तो पैर पकड़कर रोने लगा

राजेंद्र नगर सुपरफास्ट ट्रेन का मामला
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जबलपुर

•

image

Deepankar Roy

•

Updated: 27 Apr 2018, 8:14 PM IST

itarsi, railway station, train journey, railway employee, paas, pto, railway board

itarsi, railway station, train journey, railway employee, paas, pto, railway board

जबलपुर। राजेंद्र नगर सुपरफास्ट ट्रेन में ड्यूटी बजा रहा एक टीटीइ यात्रियों से अधिक पैसे वसूल रहा था। इसी बीच नरसिंहपुर के पास अचानक विजिलेंस की टीम ने ट्रेन में धावा बोल दिया। विजिलेंस टीम जैसे ही कोच में पहुंची तो यात्रियों ने टीटीइ द्वारा अवैध वसूली किए जाने की शिकायत कर दी। इस पर जांच की गइ तो टीटीइ शब्बीर अली के पास रिकॉर्ड से अतिरिक्त रुपए बरामद हुए। जैसे ही विजलेंस अधिकारी ने टीटीइ के जेब से अधिक रुपए निकाले उसके सुर बदल गए। वह फौरन विजलेंस अधिकारी के पैर गिर पड़ा। कार्रवाई नहीं करने का आग्रह करते हुए गिड़गिड़ाने लगा।

यात्रियों के बयान दर्ज
पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) की विजिलेंस टीम ने इटारसी-जबलपुर के बीच ट्रेन नंबर १२१४१ राजेंद्र नगर सुपरफास्ट में छापा मारा। विजिलेंस इंस्पेक्टर वासुदेव सरकार ने ट्रेन के टीटी शब्बीर अली को यात्री से ११५० रुपए अतिरिक्त लेते हुए पकड़ा। इसके बाद विजिलेंस टीम ने अवैध वसूली की शिकायत करने वाले यात्रियों के बयान दर्ज किए। मौके पर टीटीइ के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। बताया जाता है कि पकड़े गए टीटीइ का इसी वर्ष रिटायरमेंट है। इसलिए वह विजिलेंस टीम से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रहा था।

इधर, कैटरिंग ठेकों की फाइलें जब्त
पश्चिम मध्य रेलवे में केटरिंग ठेकों में मिली शिकायतों के बाद विजिलेंस टीम ने छापेमारी करते हुए सीसीएम कार्यालय में इसकी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली से आई विजिलेंस टीम ने मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक कार्यालय में खान-पान के ठेकों से जुड़ी फाइलों को जांच के लिए जब्त किया है। पिछले साल पश्चिम मध्य रेल के स्टेशनों पर मिल्क बूथ पार्लर, स्टॉल सहित केटरिंग ठेका प्रक्रिया में धांधली करने के आरोप लगे थे। इस मामले में पहले जीएम को शिकायत की गइ थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मामला रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया। इस शिकायतों को गंभीर मानते हुए रेलवे बोर्ड ने केटरिंग ठेकों की प्रक्रिया की दोबारा जांच के निर्देश दिए है।

एक माह पहले भी आयी थी टीम
तत्कालीन सीसीएम मनोज सेठ के कार्यकाल के दौरान भोपाल और कोटा मंडल में खान-पान के ठेके की रेलवे बोर्ड को शिकायत की गई थी। इसके तहत विजिलेंस टीम ने जांच की थी। एक माह पूर्व भी टीम ने जबलपुर आकर जांच की की थी। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए फाइलों को जब्त किया गया है।