
उमरिया-डुंगरिया में तीसरे फेज की तैयारी 90 हेक्टेयर में विस्तारीकरण
जबलपुर@ज्ञानी रजक . नए उद्योगों को जगह उपलब्ध करवाने के लिए चरगवां के पास उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीयल डेवपलपमेंट कारपोरेशन (एमपीआइडीसी) ने इसकी योजना तैयार कर ली है। 89 हेक्टेयर भूमि में उद्योगों की स्थापना के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कारपोरेशन ने इसकी डीपीआर शासन को भेजी है।
यह तीसरा अवसर है जब इस औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। इससे पहले फेज एक और फेज 2 तैयार किया गया था। पहले और दूसरे फेज में काफी संख्या में भूखंडों का आवंटन और उद्योगों की स्थापना के बाद एमपीआइडीसी ने विस्तार की योजना बनाई है। इस पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की लाइन, पानी की पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, सड़क व नालियों को बनाने का काम शुरू होगा। जैसे ही डीपीआर स्वीकृत होती है, इसका काम शुरू हो जाएगा।
कुल 316 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि
जिले के सबसे बडे़ औद्योगिक केंद्रों में शामिल उमरिया-डुंगरिया में कुल 316 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि है। इसमें फेज-2 में 27 हेक्टेयर भूमि को विकसित किया गया था। इसे आधुनिक इंडस्ट्रीयल एरिया के रूप में विकसित किया गया था। उसमें 60 फीसदी से ज्यादा भूमि का आवंटन हो चुका है। इसमें करीब एक दर्जन इंडस्ट्री शुरू भी हो गई हैं। बाकी निर्माणाधीन हैं। इस बात को ध्यान में रखकर अब बाकी जमीन पर तीसरे फेज के रूप में इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित किया जा रहा है।
फैक्ट् फाइल
- कुल 316 हेक्टेयर है औद्योगिक क्षेत्र का रकबा।
- फेज-2 में 27 हेक्टेयर जमीन का पर विकास।
- अभी 101 में से 89 हेक्टेयर पर होंगे काम।
- 50 से ज्यादा छोटी-बड़ी इंडस्ट्री का संचालन।
पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ है जगह
उमरिया-डुंगरिया पहाडि़याें के बीच घिरा खूबसूरत औद्योगिक क्षेत्र है। दूसरे फेज में 101 हेक्टेयर जमीन एमपीआइडीसी के पास बची हुई थी। उसमें 89 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होगा। ऐसे में जिले में आने वाले नए उद्योगों को अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी। मौजूदा समय में ज्यादातर नया निवेश इसी औद्योगिक क्षेत्र में हो रहा है। इसकी एक वजह यह भी है कि यहां पर नर्मदा का पानी उदयोगों के लिए उपलब्ध है।
उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र में शेष जगह का विस्तार नए उद्योगों के लिए किया जा रहा है। इसकी योजना बना ली गई है। इससे पहले फेज-2 में विकास कार्य कराए गए थे। उसमें काफी संख्या में उद्योगों को जगह का आवंटन किया जा चुका है।
सीएस धुर्वे, कार्यकारी संचालक एमपीआइडीसी
Published on:
03 Oct 2022 01:14 pm
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