13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

किस नियम के तहत अनारक्षित महिला की सीटें ईडब्ल्यूएस महिला सीटों के साथ मर्ज की

हाईकोर्ट ने पूछा  

less than 1 minute read
Google source verification
court.jpg

,,

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस आरक्षक भर्ती से जुड़े मामले में कर्मचारी चयन मंडल के डायरेक्टर से पूछा है कि किस कानून के तहत अनारक्षित महिला की सीटें ईडब्ल्यूएस महिला सीटों के साथ मर्ज कर दीं। न्यायाधीश विवेक अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने डायरेक्टर को इस संबंध में व्यक्तिगत हलाफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

याचिकाकर्ता अदिति तिवारी व अन्य जिलों के उम्मीदवारों की ओर से अधिवक्ता एनएस रूपराह ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ताओं को चयनित उम्मीदवारों से ज्यादा अंक मिले हैं बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं हुई। शासन ने जवाब प्रस्तुत कर बताया अनारक्षित महिला और ईडब्ल्यूएस महिला की सीटों को मर्ज कर दिया गया। इसके बाद फिजिकल टेस्ट में चयनित सभी महिला उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी गई। इस पर कोर्ट ने पूछा कि किस नियम के तहत ऐसा किया गया। न्यायाधीश विवेक अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने डायरेक्टर को इस संबंध में व्यक्तिगत हलाफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

जिला अदालत के 1255 पदों पर भर्ती मामले में नोटिस
जिला अदालत में 1255 पदों पर भर्ती को चुनौती देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट प्रशासन, सामान्य प्रशासन विभाग व विधि विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सु्प्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अजय रस्तोगी एवं जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की खंडपीठ ने अनावेदकों को छह फरवरी तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद फैसले को चुनौती देते हुए पुष्पेंद्र कुमार पटेल ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की है।