19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, अब कोरोना काल से पहले की तरह कर सकेंगे यात्रा

-लगभग डेढ साल से बंद थी ये सुविधा

2 min read
Google source verification
रेल यात्रियों के लिए रेलवे का तोहफा

रेल यात्रियों के लिए रेलवे का तोहफा

जबलपुर. करीब डेढ़ साल के बाद अब रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा फिर से बहाल कर दी है। रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए अब ट्रेन में सफर के लिए अनारक्षित टिकट की सुविधा फिर से प्रदान कर दी है। माना जा रहा है कि देश भर में कोरोना केस में लगातार कमी आने के चलते ऐसा किया गया है।

अब नई व्यवस्था के तहत जबलपुर रेलवे मंडल ने क्षेत्र में चलने वाली विंध्याचल एक्सप्रेस, इंटरसिटी और शटल के जनरल कोच में अनारक्षित टिकट से यात्रा की इजाजत प्रदान कर दी है। इसके तहत सोमवा से ही जबलपुर रेलवे मंडल की आधा दर्जन यात्री ट्रेनों में यह सुविधा बहाल कर दी गई। इसी क्रम में जबलपुर-रीवा शटल ट्रेन डी9 और डी10 के दो सामान्य श्रेणी के डिब्बों के साथ पार्सल वाहन को भी सामान्य वर्ग के अनारक्षित टिकट पर प्रवेश दिया गया। साथ ही जबलपुर से हबीबगंज के बीच चलने वाली रीवा इंटरसिटी में भी जनरल कोच में सफर करने पर अब किसी तरह की रोक नहीं होगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विश्वरंजन का कहना है कि अब अनारक्षित यात्री इटारसी से प्रयागराज जाने वाली यात्री ट्रेन 01117 में यात्रा कर सकेंगे। विंध्याचल ट्रेन 01271/72 में इटारसी से भोपाल होते हुए जबलपुर, कटनी, दमोह, सागर रूट और भोपाल से दमोह के बीच चलने वाली ट्रेन 01161/62 में भी सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए दो डिब्बे डी 10,11 अनारक्षित होंगे।

बता दें कि मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण फैलने के बाद रेलवे पहले सारी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया। उसके बाद कुछ स्पेशल ट्रेन श्रमिकों को वापस गांव-घर तक पहुंचाने के लिए चलाई गईं। फिर जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण मद्धम पड़ता गया, ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे शुरू किया गया। लेकिन यात्रियों को ट्रेन के भीतर देह की दूरी का मानक पूरा करने के लिहाज से आरक्षित टिकट की नीति अख्तियार की गई थी। अब जब राष्ट्रीय पैमाने पर कोरोना संक्रमण की गति काफी कम हो गई है तो रेलवे ने फिर से अनारक्षित टिकट की सुविधा बहाल कर दी है। वैसे भी यात्री काफी दिनों से इसकी मांग कर रहे थे।