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जबलपुर . मप्र हाईकोर्ट ने उस याचिका पर गंभीरता दिखाई है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित पद पर एससी वर्ग के उम्मीदवार को चयनित करने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने जेएनकेविवि कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन सहित अन्य को नोटिस जारी किए है। चार सप्ताह में सभी से पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है।
ये है मामला
जेएनकेविवि में रिसर्च एसोसिएट डॉ. पंकज शर्मा ने याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि उन्हें जेएनकेविवि जबलपुर में रिसर्च एसोसिएट के पद पर नियुक्त किया गया। २८ जून २०१६ को विवि ने कृषि महाविद्यालय पवारखेड़ा होशंगाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर सॉइल साइंस के पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए। उन्होंने भी आवेदन दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय रायजादा ने बताया, साक्षात्कार के बाद एससी संवर्ग की हेमलता चौधरी को चयनित कर लिया गया। जबकि याचिकाकर्ता का प्रदर्शन हेमलता चौधरी से अच्छा था।
इसी तरह सब्जेक्ट मेटर स्पेशलिस्ट के पद पर भी योग्यता की उपेक्षा कर वैशाली शर्मा का चयन किया गया। पूर्व कुलपति डॉ वीएस तोमर के इशारे पर यह गड़बड़ी की गई। चयन प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड जब्त कर जांच कराने की मांग की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार, जेएनकेविवि के पूर्व कुलपति डॉ वीएस तोमर, रजिस्ट्रार सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी किए।
अपनों को किया उपकृत
याचिका में कहा गया कि गोल्ड मेडलिस्ट उम्मीदवार डॉ अविनाश झा की उपेक्षा कर स्तुति मिश्रा को चयनित किया गया। जो डीन डॉ मिश्रा की पुत्री हैं। हार्टीकल्चर में डॉ रजनी शर्मा का चयन हुआ जो डॉ टीआर शर्मा की पुत्री हैं। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ अजय तोमर की पुत्री डॉ अचिता तोमर की नियुक्ति पर भी सवालिया निशान लगाए गए।
Published on:
03 Feb 2018 11:27 am
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