
Whatsapp group sukh dukh parivar
जबलपुर. क्राउड फंडिंग या जनसहयोग, किसी की मदद करने का एक ऐसा जरिया है, जिसके माध्यम से बड़े से बड़ा काम भी आसानी से किया जा सकता है। शहर में इसका जीवंत उदाहरण सुख दुख परिवार वॉट्स एप ग्रुप में देखने मिलता है। इस ग्रुप की खासियत है कि हर काम या मदद के लिए लोग मिलकर आर्थिक व अन्य मदद करते हैं। पिछले 7 सालों में इस ग्रुप के सदस्यों ने क्राउड फंडिंग से कई बड़े-बड़े काम और लोगों की मदद की है।
जनसेवा में जन-जन का मिलता है सहयोग
सुख दुख परिवार वॉट्सएप ग्रुप में जुड़े हैं 300 से अधिक परिवार, मिल-जुलकर करते हैं हर काम
2017 में बनाया ग्रुप
ग्रुप संयोजक पवन तिवारी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर 7 जुलाई 2017 को सुख दुख परिवार नाम से एक वॉट्स एप ग्रुप बनाया। इससे वे और उनके साथियों ने परिचितों का जन्मोत्सव, पौधरोपण आदि की शुरुआत की। साथ ही लोगों की मदद के लिए यथासंभव आर्थिक मदद करने के लिए धन संचय करना शुरू किया। लोगों का उत्साह देखकर ये सिलसिला तब से निरंतर जारी है।
शादियों में दिया गृहस्थी का सामान, अस्पताल शुरू करवाया
सुख दुख परिवार के सदस्यों ने जनसहयोग से कोविड काल में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनमोहन नगर को शुरू कराने के लिए करीब 13 लाख रुपए एकत्रित कर अस्पताल के लिए पलंग, बैड शीट, चादर कंबल,टेबिल समेत अन्य सामान खरीदकर दिया। इसके साथ एक दर्जन से अधिक गरीब परिवारों की बेटियों के लिए 50-50 हजार रुपए से अधिक का गृहस्थी का सामान, बॉडी फ्रीजर खरीदा है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करीब 10 लोगों का पैसों के अभाव में इलाज नहीं हो पा रहा था। जिसके लिए ग्रुप में 5 से 6 लाख रुपए अलग-अलग समय एकत्रित कर मदद की है।
इनका रहता है विशेष सहयोग
ग्रुप में मुख्य रूप से संरक्षक योगेन्द्र दुबे, इंद्रेश दुबे, दीपक दुबे, शैलेष जैन, विवेक साहू, मनीष विश्वकर्मा, राजेश गुप्ता, छोटे पटेल, अक्षय शुक्ला, वंदना सिंह, प्रणीता बबेले, श्वेता गोंटिया, डॉ. कल्पना तिवारी, शारदा कोष्टा, ममता गौतम आदि का विशेष सहयोग मिलता है।
Published on:
23 Dec 2023 03:16 pm
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