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क्यों नहीं दे रहे प्रोटोकॉल विभाग के कर्मी की विधवा को 50 लाख रुपए

हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब के लिए दिया समय  

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High Court of Madhya Pradesh

High Court of Madhya Pradesh

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्ट्रेट में कार्यरत रहे दिवंगत कोरोना वॉरियर राजीव उपाध्याय की पत्नी अंजु मूर्ति उपाध्याय की याचिका पर जवाब देने के लिए राज्य सरकार को मोहलत दे दी। जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने पूछा कि मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना के तहत उन्हें 50 लाख रुपए क्यों नहीं दिए जा रहे हैं? कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह का समय दिया। जबलपुर निवासी अंजु मूर्ति उपाध्याय की ओर से अधिवक्ता संजय वर्मा व मीना वर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि याचिकाकर्ता के पति राजीव उपाध्याय का 10 जून 2020 को निधन हो गया। वे राजस्व विभाग के कर्मी थे। उनकी पदस्थापना जबलपुर कलेक्ट्रेट के प्रोटोकॉल विभाग में थी। उनकी ड्यूटी एम्बुलेंस व बसों के जरिए प्रवासी मजदूरों को अस्पताल व उनके निवास तक पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम करने में लगी थी। इस दौरान 8 जून 2020 को उनको दिल का दौरा पड़ा। 10 जून 2020 को उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। आग्रह किया गया कि याचिकाकर्ता को योजना के तहत कल्याण राशि प्रदान करने के निर्देश दिये जाएं।