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डॉक्टर ने छीन ली रोशनी, गलत ऑपरेशन का आरोप

परिजनों ने दोषी चिकित्सक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग

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जबलपुर/कटनी। 60 साल की शांति बाई उम्र के इस पड़ाव में भी मेहनत कर अपना भरण-पोषण स्वयं करती थी। लेकिन डॉक्टर की लापरवाही से उसके जीवन में अंधेरा छा गया। शांति बाई की उम्र बढऩे के साथ ही उसकी नजर कमजोर हो चली थी। जब धुंधला दिखाई देने लगा तो वृद्धा के परिजनों ने जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराई। उन्होंने ऑपरेशन के बाद नेत्र ज्योति स्पष्ट होने की बात कही। इसके बाद चिकित्सकों ने वृद्धा की आंख का ऑपरेशन किया। लेकिन कुछ दिन बाद ही वृद्धा को दिखना ही बंद हो गया। डॉक्टरों की लापरवाही ने न केवल वृद्धा की आंखों की रोशनी छीन ली बल्कि उसकी आत्मनिर्भर जिंदगी भी समाप्त कर दी।

आंखों से निकल रहा पानी
जानकारी के अनुसार शांति बाई पति स्वर्गीय भजन लाल रजक उम्र 60 साल निवासी रामरानी जौहर गली सिविल लाइन 7 फरवरी को जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। यह ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर यशवंत वर्मा द्वारा किया गया था। ऑपरेशन कराने के बाद वृद्ध महिला के आंखों से पानी निकल रहा था। वृद्धा की बहू सुमन रजक सास को पुन: डॉक्टर को दिखाने गई तो डॉक्टर ने कहा कि आप 8 दिन बाद दिखाइएगा और कुछ दवाएं लिखें।

8 दिन बाद दिखना ही बंद
चिकित्सक के परामर्श के अनुसार वृद्धा के परिजन 8 दिन बाद पुन: अस्पताल पहुंचे। परिजनों के मुताबिक उन्होंने चिकित्सकों को बताया कि ऑपरेशन के बाद से आंख से पानी लगातार निकल रहा है। जो दवाएं दी गई उसका भी कुछ असर नहीं हुआ। आंख से पानी निकलने की समस्या बनी हुई है। अब दिखाई देना भी बंद हो गया है। लेकिन चिकित्सक ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

अब वापस नहीं लौट सकती है ज्योति
परिजनों ने बताया कि आंख से पानी गिरना बंद नहीं हुआ तो वृद्धा को निजी अस्पताल में डॉ विशंभर लालवानी एवं चित्रकूट के एक नेत्र चिकित्सालय में जांच कराई गई। वहां पर नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि शांति बाई के नेत्र ज्योति जा चुकी है अब वापस नहीं लौटेगी। परिजनों को जब जानकारी लगी तो जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से बात करनी चाही, नेत्र रोग विशेषज्ञ परिजनों से मिलने के लिए मना कर दिया। परिजनों ने इस गंभीर लापरवाही पर दोषी डॉक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए वृद्धा को हजार्ना देने की मांग की है।