1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

World Suicide Prevention Day : हार्ट अटैक के बाद महज 4 मिनिट में इस तरह से बचाई जा सकती है जिंदगी

राइट टाउन स्टेडियम में डॉक्टर्स ने दिया अनूठा डेमो

2 min read
Google source verification
World Suicide Prevention Day

World Suicide Prevention Day

जबलपुर। हर घर में एक जीवन रक्षक हो... इसी ध्येय के साथ राइट टाउन स्टेडियम में मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आकस्मिक मृत्यु बचाव दिवस मनाया। मेडिकल, पैरोमेडिकल, नर्सिंग के साथ ही सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सीपीसीआर तकनीक हर किसी को लाइफ सेवियर बनाने के लिए प्रेरित कर रही थी। लोगों को सीपीसीआर यानी कार्डियो पल्मनरी सेरेब्रल रिससिटेशन का डेमो दिया गया। इस प्रक्रिया के जरिए हार्ट अटैक आने के बाद के चार मिनट के अंदर ही व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।

हार्ट को इस तरह करें पंप
डॉक्टर्स ने बताया कि दिल का दौरा पडऩे के दौरान तुरंत चिकित्सकीय सहायता हर किसी को मिल पाए, यह जरूरी नहीं। इसीलिए यह तकनीक हर किसी को आने से किसी की जान बचने के चांसेज कई हद तक बढ़ जाते हैं। कार्यक्रम में सडन डेथ प्रिवेंशन का मॉक प्रजेंट किया गया। पुनर्जीवन की तकनीक लाइव समझाई गई। एक मिनट में 120 बार ह्रदय को हथेलियों के जरिए पम्प करने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद बताया गया कि चेस्ट में 5 से 6 सेमी तक प्रेशर डालें। कार्यक्रम आइएमए, नर्सिंग होम एसोसिएशन, रोटरी क्लब, आइएसए सिटी ब्रांच, रेडक्रॉस सोसाइटी के सहयोग से हुआ।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरके गुप्ता, विशिष्ट अतिथि दिनेश दत्त चतुर्वेदी, मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइसचांसलर डॉ. आरएस शर्मा, डॉ. बीके डांग रहे। इस दौरान डॉ. सुनील जैन, डॉ. संदीप, डॉ. ललित पांडे, डॉ. एसके वमा, डॉ. वीडी सूर्यवंशी, डॉ. सुधीर तिवारी मौजूद रहे।

ये दिखाई प्रक्रिया
- अपनी कलाई के पास का हिस्सा मरीज की छाती के बीचोंबीच रखा। फिर दूसरे हाथ को पहले हाथ पर रखा।
- फिर छाती के बीचोंबीच जोर से दबाव डाला।
- यह प्रक्रिया 100 से 120 बार दोहराई।
- इसे 30-2 के अंतराल में किया।
- 30 बार छाती के बीचोंबीच दबाव देने के बाद दो बार व्यक्ति की नाक दबाकर मुंह से मुंह द्वारा सांस दी गई।