
worship Sun for early marriage
जबलपुर। विवाह मुहूर्त शोधन में जब कन्या के लिए गुरु पूज्य हो तो उसे गुरु ग्रह की विशेष पूजा करनी पड़ती है और वर के लिए सूर्य पूज्य होने पर उसे सूर्य देव की पूजा करनी पड़ती है। लोकभाषा में इन दोनों पूजाओं को क्रमश: पीली पूजा और 'सफेद पूजा के नाम से जाना जाता है। गुरु और सूर्य की पूज्य स्थिति में विवाह करने पर इन ग्रहों से संबंधित दान-पूजा आदि करने से विवाह मुहूर्त शुभप्रद होता है। सफेद पूजा में विवाह करें तो सूर्य ग्रह से संबंधित दान-पूजादि कर लेने चाहिए।
वर के लिए सफेद पूजा
पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि यह पूजा वर के लिए मान्य होती है। विवाह मुहूर्त शोधन में वर के लिए सूर्य बल का विशेष विचार किया जाता है। वर की राशि से वर्तमान राशि में गतिशील सूर्य यदि तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें स्थान पर हो तो शुभ होता है। परन्तु पहले, दूसरे, पांचवे, सातवें या नवें स्थान पर रहते सूर्य पूज्य होता है। यदि सफेद पूजा (पूज्य सूर्य) में विवाह करें तो सूर्य ग्रह से संबंधित दान-पूजादि कर लेने चाहिए।
उपाय: सफेद पूजा में सूर्य ग्रह की पूजा दान आदि वर स्वयं करे या योग्य ब्राह्मण या अपने गुरु से विवाह से पूर्व निम्न प्रकार करवाएं। सूर्य मंत्र 'ú घृणि सूर्याय नम:Ó की 11 माला का जप करें और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। इसी मंत्र से 108 बार और आदित्य हृदय स्त्रोत के मंत्रों से आहुतियां दें। हवन में आक और पीपल की समिधा का प्रयोग करें।
रोज अर्पित करें जल
पंडित जनार्दन शुक्ला के अनुसार सूर्यदेव हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुंडली में नवग्रहों के राजा के रूप में सूर्य ही सबसे निर्णायक ग्रह हैं। उनकी कृपा से ही जीवन में यश, मान-सम्मान-पैसा प्राप्त होता है। उनकी प्रसन्नता का एक बेहद सरल उपाय है जोकि बहुत कारगर भी है। रोज सुबह जल्दी सोकर उठें और स्नान करके सूर्यदेव को जल अर्पित करें। ब्रह्ममुहुर्त में उठकर और स्नान करके सूर्य को जल अर्पित करने पर और भी अच्छा फल प्राप्त होता है।
Published on:
06 May 2018 11:29 am
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