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राजा बनना है तो ऐसे करें सूर्यदेव की आराधना

ज्यादातर राजनेताओं की कुंडली में सूर्य उच्च का पाया जाता है

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worship suryadev for leadership

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जबलपुर।ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। कुंडली में सूर्य की स्थिति का सभी पर सीधा असर होता है। राजनेताओं के लिए सूर्य की अच्छी स्थिति रहना बहुत जरूरी है। पंडित जनार्दन शुक्ला बताते हैं कि ज्यादातर राजनेताओं की कुंडली में सूर्य उच्च का पाया जाता है। इसी के साथ सूर्यदेव सरकारी नौकरी और उच्चपदों के भी कारक हैं।


ये ग्रह हर माह राशि बदलता है। सूर्यदेव ने 14 अप्रैल को राशि बदली और अब 15 मई तक सूर्यदेव मेष राशि में रहेंगे। मेष राशि के सूर्य की यह स्थिति मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले लोगों के लिए अच्छी रहेगी। इस राशिवाले लोगों के लिए अब नौकरी में प्रमोशन, धन लाभ, जमीन, मकान और वाहन सुख की संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं। जिन लोगों की कुंडली में सूर्यदेव की स्थिति अच्छी नहीं है, सूर्य नीच के हैं, अशुभ भाव में बैठे हैं या शत्रु राशि में हैं तो सूर्य का राशि परिवर्तन उनके लिए अशुभ हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए धन हानि, बीमारियां, नौकरी और बिजनेस में नुकसान होने की आशंका है। सूर्यदेव के बुरे प्रभाव को दूर कर उनसे शुभ फल प्राप्त करने के लिए कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं।


सूर्यदेव को अघ्र्य दें
पंडित दीपक दीक्षित बताते हैं कि सुबह जल्दी उठकर सूर्यदेव को जल अर्पित करना सबसे सरल और सटीक सूर्य उपासना है। तांबे के लोटे में शुद्ध जल लेकर इसमें लाल फूल और चावल चंदन, हल्दी, रोरी आदि डालकर सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इस उपाय के बेहद अच्छे और सकारात्मक फल मिलते हैं। रोज यह उपाय करने से कुछ दिनों के बाद इसका प्रत्यक्ष फल दिखने लगेगा। आपकी त्वचा की चमक बढ़ जाएगी और आंखों की रोशनी भी बढऩे लगेगी। सूर्य कृपा से आपको मान-सम्मान और सफलता भी मिलने लगेगी।


सूर्यदेव को अघ्र्य देते समय गायत्री मंत्र - ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गाे देवस्य धीमहि धियो योन: प्रदोदयात का स्मरण करें। सूर्यदेवजी ये सरल मंत्र बोलकर भी जल चढ़ा सकते हैं- ऊँ घृणि सूर्याय नम: , ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ आदित्याय नम:, ऊँ नमो भास्कराय नम:।