इस युवा डॉक्टर के जज्बे को सलाम, जिसके लिए मरीजों की सेवा ही सबसे बड़ा कर्म व धर्म है

-ये हैं असल कोरोना योद्धा

By: Ajay Chaturvedi

Updated: 09 Dec 2020, 01:41 PM IST

जबलपुर. यू तो चिकित्सा से जुड़े तकरीबन हर शख्स ने इस कोरोना काल में बेजोड़ काम किया। रात-दिन एक कर अपनी निजी जिंदगी को भुला कर, परिवार से अलग रह कर पूरी तरह से सेवा भाव में जुटे रहे। उन्हीं में से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत डॉ विकास पटेल भी रहे जिन्होंने एक-दो नहीं कई बार अपना जीवन जोखिम में डाला और मरीजों की जान बचाई। ऐसे डॉक्टरों के जज्बे को समाल तो बनता है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कोविड वार्ड में लगातार ड्यूटी कर रहे डॉ. पटेल के बारे में अन्य चिकित्सक भी यही कहते हैं कि उनके लिए महज मरीज ही सब कुछ है। मरीजों की जान बचाने के लिए उन्होंने कभी भी अपने जान की परवाह नहीं की। कोविड वार्ड में किसी मरीज के अचानक गंभीर होने की सूचना मिलते ही वह उस तरफ दौड़ पड़ते। यहां तक कि मरीज के लिए कोरोना प्रोटोकॉल तक को ताख पर रख देते। बिना पीपीई किट पहने ही मरीज के पास पहुंच जाते। तर्क ये कि पीपीई किट पहनने में लगने वाला समय मरीज के लिए घातक हो सकता है। कई बार पलंग से फर्श पर गिर रहे मरीजों को अपनी गोद में उठा लिया। वे मार्च से ही कोरोना मरीजों की सेवा में जुटे हैं। डॉ. पटेल कहते हैं कि मरीजों की जीवन रक्षा चिकित्सक का पहला धर्म है जिसके निर्वहन का उन्होंने प्रयास किया।

डॉ विकास पटेल

डॉ. पटेल कहते हैं कि कोरोना वार्डों में ड्यूटी के दौरान स्वयं के साथ स्वजन को संक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी उन पर थी। विजयनगर स्थित निजी आवास में मां, पत्नी व दो साल के मासूम बेटे की सेहत पर आंच न आए इसलिए लंबे समय तक धनवंतरि स्थित दोस्त के खाली पड़े मकान में रहे। जब भी घर जाने का मन करता, दोस्त के घर गर्म पानी से अच्छी तरह स्नान कर, गर्म पानी का भाप लेकर, गरारे कर मास्क पहनकर बाहर निकलते। घर पहुंचकर स्वजन से शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए कुछ देर की मुलाकात के बाद वापस लौट आते थे।

डॉ. पटेल कहते हैं कि सितंबर के हालात के बारे में सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कोरोना मरीजों की बढ़ती तादात के साथ सिलसिलेवार मौत ने लोगों को झकझोर दिया था। एक के बाद एक कई मरीजों को असमय जान गंवानी पड़ी। वैसे हालात न बनने पाए इसके लिए आम नागरिकों को कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करने में तनिक भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मास्क का इस्तेमाल व शारीरिक दूरी इसका सबसे बेहतर उपाय है।

Ajay Chaturvedi
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