
सीडीएम मशीन में फंसे 10 हजार वापस होंगे, कदाचरण पर 5 हजार अर्थदंड
जगदलपुर. CG News : जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सीडीएम में फंसी 10 हजार की राशि तुरंत अदा करने का फैसला सुनाया है। इतना ही नहीं आयोग ने खाताधारक को हुई असुविधा को कदाचरण मानते हुए 5 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष सुजाता जायसवाल सदस्य आलोक कुमार दुबे और सीमा गोलछा की संयुक्त खंडपीठ द्वारा उक्त आदेश जारी किया गया है।
दरअसल जगदलपुर निवासी अधिवक्ता धर्मेंद्र पटेल ने भारतीय स्टेट बैंक की शाखा बालोद में 60 हज़ार रुपए सीडीएम मशीन के माध्यम से जमा किए थे। जिसमें 47500 रू मशीन में जमा हो गए थे तथा आवेदक को 500 के पांच नोट वापस प्राप्त हुए थे। 10 हज़ार की राशि सीडीएम मशीन में फंसी रह गई थी। इस संबंध में आवेदक ने तत्काल बैंक को सूचित किया और बैंक द्वारा 15 दिवस के भीतर मशीन में फंसी राशि खाते में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया गया था। लंबे समय तक आवेदक को बैंक द्वारा मशीन में फंसी राशि वापस नहीं हुई।
जिसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष शिकायत पेश की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत परिवाद के सम्यक निराकरण के लिए विपक्ष बैंक द्वारा अपने पक्ष समर्थन में उस दिनांक का सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किया जाना आवश्यक था।
जो प्रकरण में पेश नहीं किया गया है। बैंक की मशीन में राशि जमा होने और 500 रुपए के पांच नोट वापस होना दर्शित होता है, लेकिन मशीन में फंसी हुई 10 हज़ार रुपए की राशि के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं है। विपक्ष बैंक द्वारा आवेदक की शिकायत का तत्काल निराकरण न करते हुए सेवा में कमी में व्याव्सायिक कदाचरण किया गया है। इसके लिए बैंक को 5000 के अर्थ दंड से दंडित भी किया गया है।
Published on:
22 Oct 2023 01:35 pm
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