
हाईबीपी की चपेट में बस्तरिया, शहर में 35-40 हजार लोग ब्लड प्रेशर के शिकार, बड़ा कारण तनाव
CG Jagdalpur News : खुशमिजाज रहने वाले जगदलपुरिया अब चिड़चिड़ेपन व गुस्सैल होते जा रहे हैं। जरा सी बात पर आवेश में आ रहे हैं। जिसका एक महत्यपूर्ण कारण हाइपरटेंशन हैं। शहरी क्षेत्र की बात करें तो हर पांचवा व्यक्ति इस बीमारी का शिकार है। वैसे तो यह बिमारी गैर संक्रामक हैं लेकिन जिस तरह से इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है वह खतरनाक है। स्मार्टकार्ड और अस्पताल से मिले आंकड़ो की माने तो शहरी क्षेत्र में ही करीब 35 से 40 हजार मरीज बीपी का शिकार है। (CG Jagdalpur News) इनमें दो हजार से अधिक लोगों ने इसके इलाज के तौर पर हार्ट में स्टंट डलवाया है। वहीं 500 से अधिक लोगों ने बाइपास सर्जरी करवाई है।
क्या करें
बीपी के मरीजों को नमक का सेवन कम करना (प्रतिदिन 5 ग्राम से कम), फल और सब्जियों का अधिक प्रयोग, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, नियमित व्यायाम करें, जंक फूड से बचें, ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना, आहार में ट्रांस फैट का सेवन कम करना, (CG Jagdalpur News) समय समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करना चाहिए। जो इस बीमारी से ग्रसित है उसे चाहिए कि अपनी बीपी की दवा नियमित रूप से ले।
ये बिल्कुल न करें
हाइपरटेंशन के प्रमुख कारणों में तनाव, फास्ट या जंक फूड, धूम्रपान और व्यायाम की कमी शामिल हैं। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या और नींद का पूरा न होना भी इसके कारणों में शामिल हैं। तनाव की स्थिति में खून का बहाव तेज हो जाता है, (CG Jagdalpur News) जिससे ब्लड प्रेशर के भी बढऩे का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि बीपी के मरीजों को तनाव से दूर रहने सख्त हिदायत दी जाती है।
ऐसे समझें ब्लड प्रेशर को
हाइपरटेंशन या हाई बीपी (ब्लड प्रेशर) दरअसल वो स्थिति होती है, जब धमनियों में खून का दबाव बढ़ जाता है। धमनियों में खून का दबाव बढऩे के साथ ही अचानक बहाव की रफ्तार भी तेज हो जाती है। इससे धडक़न भी बढ़ जाती है और एकाएक रक्त का प्रवाह बढ़ जाने से चक्कर, सिर का भारीपन सहित दूसरे लक्षण दिखने लगते हैं। (CG Jagdalpur News) डॉक्टर बताते हैं कि धमनियों में कॉलेस्ट्रॉल या चर्बी जमा होते रहने से जितनी जगह खून को बहने के लिए चाहिए वो छोटी होती जाती है। जिससे खून का दबाव धमनियों में बढ़ जाता है। यह स्थिति खतरनाक होती है।
हाई बीपी से हृदय रोग, किडनी और आंखों की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टरों की मानें तो आमतौर पर हाई बीपी की शिकायत 40 से 45 साल की आयु के बाद शुरू होती थी, लेकिन अनियमित दिनचर्या के चलते काफी कम उम्र में भी ये बीमारी देखने को मिल रही है। वर्तमान में कई मरीज 20 से 22 साल के बीच के भी हैं, (CG Jagdalpur News) जो नियमित रूप से डॉक्टर के पास पहुंचकर दवाएं ले रहे हैं। बताया जाता है कि संतुलित ब्लड प्रेशर 120/80 एमएमएचजी है, जिसमें करीब 5 से 7 प्वाइंट ऊपर-नीचे को सामान्य की श्रेणी में खा जाता है। जबकि इससे ज्यादा या कम माप मिला तो ब्लड प्रेशर का खतरा मंडरा सकता है।
विश्व
यदि किसी को हाई बीपी और लो बीपी की समस्या है। ऐसे में एक बार ब्लड प्रेशर की दवा लेना मरीज शुरू करता है तो उसे बंद नहीं करना चाहिए। बंद करने पर लकवा, हृदय घात जैसी गंभीर समस्या का खतरा बढ़ जाता है। (CG Jagdalpur News) नियमित रूप से जांच करवाने की सलाह भी उन्होंने दी है। बताया कि ब्लड प्रेशर से पीड़ित मरीज के शरीर में खून लगातार गाढ़ा होता चला जाता है, जिसे पतला रखने के लिए दवाएं दी जाती हैं। बीपी की दवा शुरू की तो नियमित लेना जरूरी है।
आरबीपी गुप्ता, एमडी मेडिसीन, महारानी अस्पताल
Published on:
18 May 2023 01:49 pm
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