१ जुलाई से प्रदेश समेत पूरे देश में सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर रोक लगा दी गई है। इसके उपयोग और उपभोग दोनों में कार्रवाई की जा रही है। शहर के बाजार से पॉलीथिन का चलन लगभग खत्म हो रहा है। निगम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार उनकी कार्रवाई लगातार जारी है। जहां भी प्लास्टिक बेची जा रही है उन दुकानों में दबिश देकर कार्रवाई की जा रही है।
जगदलपुर . पिछले १५ दिनों में १०० से ज्यादा दुकानों में दबिश देकर कार्रवाई की गई है। फिलहाल दुकानदारों पर जुर्माना लगाकर उन्हें समझाइश दी जा रही है कि वे आगे से इसे ना बेचें। अगर इसके बाद भी कहीं पर इसकी बिक्री होती है तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों में भी सरकार के इस आदेश को लेकर हलचल है और अब व्यापारी धीरे-धीरे बाजार से प्लास्टिक खत्म करने में जुट गए हैं। प्लास्टिक के कई व्यापारियों ने तो दो महीने पहले से ही माल मंगवाना बंद कर दिया था। ऐसे में अब उनके पास इसका स्टॉक नहीं बचा है जो ३० फीसदी माल मार्केट में है भी तो वह पुराना है और चिल्हर व्यापार में उसका चलन है। 1 जुलाई से देश के सभी राज्यों में कम उपयोगिता और ज्यादा कूड़ा पैदा करने वाले 19 वस्तुओं के निर्माण, भंडारण, आयात, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।
अब आगे कोई प्लास्टिक बेचता है तो सीधे लाइसेंस होगा रद्दकेंद्र सरकार के इस आदेश के तहत अगर कोई भी व्यवसायिक इकाई प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचते हुए पाई जाती है, तो उसका व्यापारिक लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इसे लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी राज्य की एजेंसियों को निर्देशित कर दिया है। वहीं पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी इन वस्तुओं के प्रोडक्शन में लगे उद्योगों को कच्चा माल मुहैया नहीं कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रतिबंध के लागू होते ही भारत भी उन 60 देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जो सिंगल यूग प्लास्टिक के कचरे को कम करने के लिए यह कदम उठा चुके हैं, लेकिन प्रतिबंध से ज्यादा अहम इसका पालन करना और करवाना होगा. जिसे हासिल करने के लिए सरकार को कड़ी निगरानी रखनी होगी।
हर निकाय में मॉनिटरिंग के लिए राज्य से बनाए गए नोडल
नगरीय निकायों में इस आदेश का कड़ाई से पालन हो इसके लिए हर निकाय में दो-दो नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जगदलपुर में निगम आयुक्त खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा नगर पंचायतों में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है। बस्तर जिले की अगर बात करें तो यहां पर जगदलपुर नगर निगम और बस्तर नगर पंचायत में मॉनिटरिंग के लिए नोडल नियुक्त किए गए हैं। नोडल अधिकारी हर दिन कार्रवाई की रिपोर्ट राज्य स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दे रहे हैं।
१५ दिन में बाजार से गायब हो जाएगी प्लास्टिक- हमारी टीम सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर मिशन मोड में काम कर रही है। मैं यह दावे के साथ कह सकती हूं कि आने वाले १५ दिनों के भीतर जगदलपुर के बाजार से प्लास्टिक पूरी तरह से गायब हो जाएगी। निगम का अमला इस पर लगातार काम कर रहा है।
सफीरा साहू, महापौर जगदलपुर
इन चीजों पर लगा प्रतिबंधस्ट्रॉ (पेय पदार्थ पीने वाला पाइप)
स्टिरर ( पेय पदार्थ घोलने वाली प्लास्टिक की छड़)इयर बड
कैंडीगुब्बारे जिसमें प्लास्टिक की छड़ लगी होती है
प्लास्टिक के बर्तन (चम्मच, प्लेट आदि)सिगरेट के पैकेट
पैकेजिंग फिल्म और साज सज्जा में इस्तेमाल होने वाला थर्मोकोल