
बस्तर ओलंपिक में भ्रष्टाचार (Photo source- Patrika)
Bastar Olympics: जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आरोप लगाते हुए कहा है कि एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने का काम बस्तर ओलंपिक में किया गया। मौर्य ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जिस बस्तर ओलंपिक को लेकर प्रधानमंत्री 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे। उसी बस्तर औलंपिक में ट्रैक सूट खरीदी में साय सरकार ने भ्रष्टाचार किया है।
4900 ट्रैक सूट खरीदी के लिए निविदा बुलाया गया, जिसमें क्वालीफाई करने वाली 5 कंपनियां एक ही ब्रांड शिव नरेश स्पोर्ट्स प्रालि से जुड़ी थी। सभी पांचो कंपनियां एक ही ट्रैक सूट मॉडल (आर्टिकल कोड 459्र) के लिये बोली लगाई। इसमें शिव नरेश स्पोर्ट्स प्रा.लि. को एल 1 घोषित किया गया तथा उससे 2499 रुपये की दर पर ट्रैक सूट खरीदा गया।
कुल 10 कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया, इसमें एआर नीच फैब, एडिडास, हिंद स्पोर्ट्स, नरेन संस ट्रॉफी वाले, रिद्धि-सिद्धि सॉल्यूशन, शैम स्पोर्ट्स, शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, स्पोर्टटेक्स, वरना डिसप्ले और विनायक वेंचर्स शामिल थे। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, उपनेता प्रतिपक्ष कोमल सेना, सुषमा सुता, ललिता राव, असीम सुता संदीप दास, जस्टिन भवानी, एस नीला, तरनजीत सिंह, उस्मान रजा आदि मौजूद रहे।
मौर्य ने बताया कि टेक्निकल बिड में केवल 5 कंपनियां शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, वरना डिसप्ले सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, नरेन संस, विनायक वेंचर्स और रिद्धि-सिद्धि सॉल्यूशन ने क्वालीफाई किया। बाकी कंपनियां टेक्निकल बिड में ही डिसक्वालीफाई कर दी गई। एडिडास जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी को भी टेक्निकल बिड में बाहर कर दिया गया। खेल विभाग ने शिव नरेश ब्रांड के जिस ट्रैक सूट को 2499 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदा, वही ट्रैक सूट कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर 1539 रुपए में उपलब्ध है। यानि प्रति यूनिट ट्रैक सूट पर 960 रुपए का अंतर पाया गया।
Bastar Olympics: सुशील मौर्य ने कहा कि खेल विभाग ने 4 हजार 900 ट्रैक सूट की खरीदी के लिए 2499 रुपए प्रति यूनिट की दर से कंपनी को 1 करोड़ 22 लाख 45 हजार रुपए का भुगतान किया है। कंपनी की वेबसाइट में दिए गए 1539 रुपए की दर पर अगर ट्रैक सूट की खरीदी की जाती तो खेल विभाग को महज 75 लाख 41 हजार 100 रुपए का भुगतान करना होता। इससे करीब 47 लाख रुपए की बचत हो सकती थी।मामला एक ट्रैक सूट खरीदी का है पूरे आयोजन में कितना घोटाला हुआ होगा कल्पना की जा सकती है।
Published on:
21 Aug 2025 11:51 am
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