
बस्तर के आकाश ने पास की UPSC की परीक्षा
Akash Rao Cleared UPSC: बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। नक्सलवाद के लिए जाना-पहचाने जाने वाले बस्तर के लोग अब शिक्षा के नए आयाम गढ़ रहा है। ऐसा ही कारनामा बस्तर के आकाश राव ने किया है। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। वे रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस डिपार्टमेंट में असिस्टेंट इंजीनियर का पद संभालेंगे।
शुक्रवार को जैसे ही यूपीएससी से उनको मेल आया। दलपत सागर वार्ड साईं कॉलोनी में रहने वाले आकाश ने कहा कि इस मंजिल तक पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा मां ज्योति राव और पिता अप्पा राव का साथ रहा। वे 4 साल डीआरडीओ में रिसर्च फैलोशिप भी कर चुके हैं। वहीं 3 बार गेट क्वालिफाइड किया। इसके साथ ही उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग ऑनर्स की डिग्री हासिल कर रखी है।
यूपीएससी ने इसके लिए डेढ़ साल पहले विज्ञापन निकाला था। पोस्ट थी 14। ऐसे में देशभर से लाखों की संख्या में लोगों ने आवेदन किया था। इसमें अनुभव के चलते ऑन लाइन एग्जाम के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। अंतिम रिजल्ट आया तो इसमें उनका नंबर 15 वां था। अब वे वेटिंग में आ गए थे। करीब एक साल तक वे अन्य एग्जाम की तैयारी करते रहे। लेकिन इसी बीच शुक्रवार को यूपीएससी से उन्हें मेल आया और जानकारी मिली उनकी वेटिंग क्लियर हो गई है और जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
ऐसा नहीं है कि उन्हें पहली बार में ही यह सफलता हासिल हो गई। बल्कि वे बताते हैं कि वे हमेशा से ही अनलकी रहे हैं। चार साल में तैयारी के पहले वे डीआरडीओ में रिसर्च फैलोशिप किया था। उन्होंने 3 बार गेट क्वालिफाई किया। इसी के आधार पर उन्हें यहां काम मिला। बेहतर रिसर्च पेपर को देखते हुए हेडऑफिस मद्रास से भी उन्हें ऑफर आया। लेकिन कोविड की वजह से जाना कैंसल हो गया। इसी तरह मझगांव डॉक(सबमरीन) में भी टॉप 200 लोगों में शामिल हुए, लेकिन 5 पोस्ट होने की वजह से सलेक्शन नहीं हो पाया। सबसे दुखद घटना तो रेलवे की थी। सभी स्टेप क्लियर करने के बाद सिर्फ आंखों में इफेक्शन की वजह से फिटनेस में मामला फंस गया।
आकाश ने बताया कि वे अलग-अलग परीक्षा की पिछले चार सालों से तैयारी कर रहे थे। इसके लिए रोजाना 10 घंटे की पढ़ाई करते थे। इन चार सालों में फोकस होकर पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि तैयारी के लिए सबसे ज्यादा मदद लाइब्रेरी से मिली। यहां पढ़ाई के लिए शांति और बेहतर माहौल से न केवल फोकस बढ़ा बल्कि ज्यादा देर तक पढऩे के लिए मन भी लगने लगा। वहीं इंटरव्यू से लेकर अन्य चीज के लिए पूर्व कलेक्टर रजत बंसल, पूर्व जिला पंचायत सीईओ(आईएएस) रोहित व्यास और आईपीएस अंकिता शर्मा ने भी लगातार गाइड किया। जिसकी वजह से यह परीक्षा पास करने में मदद मिली।
Published on:
24 Apr 2023 12:02 pm
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