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बस्तर का पहला सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल तैयार: हार्ट, लीवर और न्यूरो के इलाज की मिलेगी सुविधाएं

बस्तर को सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल की भी सौगात जल्द मिल सकती है। दस मंजिला इस अस्पताल का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस अस्पताल की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हार्ट, लिवर और न्यूरों के स्पेशिलिस्ट की मौजूद रहेंगे जो अब तक पूरे बस्तर संभाग में कही भी नहीं है।

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Bastar super specialty hospital

बस्तर का पहला सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल तैयार: हार्ट, लीवर और न्यूरो के इलाज की मिलेगी सुविधाएं

बस्तर को मेडिकल कॉलेज के बाद अब सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल की भी सौगात जल्द मिल सकती है। डिमरापाल में तैयार हो रही दस मंजिला इस अस्पताल का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार है। इस अस्पताल की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां हार्ट, लिवर और न्यूरों के स्पेशिलिस्ट की मौजूद रहेंगे जो अब तक पूरे बस्तर संभाग में कही भी नहीं है।

ऐसे में अब मरीजों को इनसे जुड़ी विशेष बीमारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं आम इलाज की क्वालिटी भी बेहतर होगी। इन्हीं सब जानकारी को लेकर पत्रिका रिपोर्टर इस अस्पताल की जानकारी के साथ यहां की स्थिति जानने पहुंचे थे। जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस अस्पताल के बनने से बस्तर के लोगों को क्या फायदा मिलेगा।

2020 में हो जाना था पूरा, कोरोना की वजह से हुई देरी

जानकारी के अनुसार दिसंबर 2018 से बन रहे अस्पताल में 85 फीसदी निर्माण पूरे हो चुके हैं। शेष 15 फीसदी काम अगले वर्ष यानी कि मार्च 202 तक पूरे होने की संभावना है। यूं तो अस्पताल को फरवरी 2020 तक पूरा करना था, लेकिन कोरोना महामारी में यह प्रोजेक्ट लेट हो गया। फिर अधिकारियों ने नई डेट लाइन जारी की और जून 2021 तक इसे पूरा करने का दावा किया, इसी तरह जनवरी 2022 का समय भी निकल गया और यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। अब अफसरों का दावा है कि 11 मंजिल के इस अस्पताल का निर्माण मार्च 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार के आपसी सहयोग से बनाए जा रहे 250 बिस्तरों के अस्पताल में डॉक्टर सहित करीब 550 कर्मचारी लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगे। फिलहाल भूतल, 10 मंजिला बिल्डिंग, आधारभूत स्ट्रक्चर बनकर तैयार हो चुके हैं। साज-सज्जा का काम होना है।

यहां देशभर के मरीजों को सरकारी दर पर मिलेगी सुविधाएं

रायपुर के डीकेएस मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बाद बिलासपुर और जगदलपुर में राज्य का दूसरा व तीसरा शासकीय मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण हो रहा है। यह सिम्स से बिल्कुल अलग है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे हैं। इस हॉस्पिटल में ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन चिकित्सा के अलावा गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। यहां बस्तर संभाग के अलावा छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीजों को सरकारी दर पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

विभाग के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ के करीब पहुंच रही है। जिसमें 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन कर रही है। इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 मंजिल का कंट्रक्शन किया गया है। इसमें कैंसर संस्थान, ट्रामा सेंटर, बर्न सेंटर, नवीन सिम्स छात्रावास, डॉक्टरों और स्टाफ के लिए आवास सहित अन्य सुविधाएं होंगी। अभी 10 मंजिल बिल्डिंग वहां भी बनकर तैयार हो चुकी है। यहां इसके अलावा सुपर स्पेशलिटी कोर्सेस की पढ़ाई शुरू होगी। इससे राज्य में सुपर स्पेशिलिटी डॉक्टरों की कमी दूर होगी।

इन पदों पर हो रही भर्ती

जगदलपुर सुपरस्पेशिलिटी चिकित्सालय के लिए 277 पदों के सृजन का आदेश पारित किया है। इस आदेश में 113 शैक्षणिक व चिकित्सकीय पद, 134 प्रशासनिक एवं कार्यालयीन पद एवं पैरामेडिकल स्टाफ के लिये 30 पद निर्धारित किये गए हैं। इसमें प्राध्यापक 6 पद, सहायक अध्यापक लेवल 18 बी- 10 पद, सहायक प्राध्यापक लेवल 18ए- 20 पद, सीनियर रेजिडेंट्स- 40, मेडिकल ऑफिसर एंड रेसिडेंट-29, वार्ड बॉय- 20, वाहन चालक 8, लिफ्ट ऑपरेटर 4, चौकीदार 4, स्टाफ नर्स 63, कोडिंग क्लर्क 10, सहायक ग्रेड 6, कंप्यूटर ऑपरेटर 8, लेखापाल सहायक ग्रेड 25, स्टेनोग्राफर 1, फीजियोथेरैपिस्ट 6, कैथ लैब टेक्नीशियन 5 जैसे पदों पर भर्ती होगी।