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बस्तर के मक्के से तैयार हो रहे, बिस्किट और कुक्कुट आहार, कोलकाता आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में होता है एक्सपोर्ट

Exports From Jagdalpur : बस्तर का मक्का देश के अन्य राज्यों में निर्यात हो रहा है। राज्य सरकार के द्वारा मक्का खरीदी पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है, इसका लाभ अन्य राज्यों के व्यापारी उठाते हैं।

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बस्तर के मक्के से तैयार हो रहे, बिस्किट और कुक्कुट आहार, कोलकाता आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में होता है एक्सपोर्ट

बस्तर के मक्के से तैयार हो रहे, बिस्किट और कुक्कुट आहार, कोलकाता आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में होता है एक्सपोर्ट

जगदलपुर . बस्तर का मक्का देश के अन्य राज्यों में निर्यात हो रहा है। राज्य सरकार के द्वारा मक्का खरीदी पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है, इसका लाभ अन्य राज्यों के व्यापारी उठाते हैं। किसानों का मक्का बाजार से घर पहुंचकर खरीदकर ले जाते हैं। बस्तर में उपजाए गए मक्का से कोलकाता में बिस्किट तो आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना में कुक्कुट आहार तैयार किया जा रहा है, वहीं हजारों टन मक्का को निर्यात किया जा रहा है।

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मक्का की बढ़ती मांग को देखते हुए यहां मक्का का रकबा तेजी से बढ़ रहा है।प्रदेश में सबसे अधिक मक्का का उत्पादन कोण्डागांव जिला में लिया जाता है, यहां 45880 हेक्टेयर में मक्का लगाया गया है। वहीं बस्तर जिले में इसका रकबा 14 हजार से बढ़कर इस साल 21393 हेक्टेयर हो गया है। यानि की विगत वर्ष की तुलना में 7 हजार हेक्टेयेर में मक्का उत्पादन किया गया है। अन्य राज्यों से अब बस्तर में मक्का खरीदने लगातार व्यापारी पहुंचते हैं। इसलिए किसान राज्य शासन को मक्का बेचने की अपेक्षा में व्यापारियों को बेच दिया करते हैं।

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वर्तमान मंडी बाजार दरों के अनुसार जगदलपुर में मक्का का न्यूनतम भाव 1900 रुपए क्विंटल और 2100 रुपए क्विंटल है। वहीं औसत मूल्य औसत मूल्य 2010 रुपए क्विंटल है। व्यापारियों से अच्छे दाम मिलने से मक्का की खेती कर रहे किसान आगे आ रहे हैं। बस्तर जिला में गत वर्ष 70 हजार मिट्रिक टन मक्का का उत्पादन हुआ था।

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सीएनजी उत्पादन की संभावना

बस्तर में धान के बाद मक्का का उत्पादन बढ़ने से अब बस्तर में सीएनजी उत्पादन की संभावना भी बढ़ गई है। गौरतलब है कि कोण्डागांव यूनिट में इथेनॉल का उत्पादन होगा। बस्तर में भी सीएनजी तैयार कर बिक्री शुरु हुई तो यहां भी बड़ी संख्या में सीएनजी दौड़ने वाली वाहनों की संख्या बढ़ेगी और वाहनों का कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
उप मंडियों में मक्का का रकबा और उत्पादन विगत वर्षों में बड़ा है। बस्तर के किसानों से व्यापारी मक्का खरीदने अन्य राज्यों से पहुंचते हैं।