
Buddha Purnima 2024: गंगामुण्डा तालाब के किनारे 20 वर्ष से स्थापित बुद्ध विहार में आज गौतम बुद्ध की 2568 जयंती पर आज शांति, प्रेम और सत्य का संदेश दिया जाएगा। इसकी तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है। बौद्ध विहार के भंते ज्ञानबोधी ने बताया कि गौतम बुद्ध के मार्ग और उपदेशों पर चलकर संसार के दुखों का निराकरण पाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पवित्रता के पथ के अनुसार अच्छे जीवन के पांच मापदण्ड हैं। जिसमें किसी प्राणी की हिंसा न करना, चोरी न करना, व्यभिचार न करना, झूठ न बोलना और नशीली चीजों का सेवन न करना। बुद्ध ने बताए अनुसार मनुष्य पवित्रता के पथ पर चले, धर्म के पथ पर चले, शील के मार्ग के मार्ग पर चले।
उन्होंने कहा कि तथागत गौतम बुद्ध का धम्म क्या है, इसे समझना आवश्यक है। सारनाथ में पांच परिव्राजकों को तथागत बुद्ध ने कहा कि बुद्ध धम्म का केन्द्र बिन्दु है, आदमी और इस पृथ्वी पर रहते समय आदमी का आदमी के प्रति क्या कर्तव्य होना चाहिए, यह उनकी पहली स्थापना है। उनकी दूसरी स्थापना है, कि आदमी के दुख को नाश करना है। इसके अतिरिक्त सधर्म और कुछ नहीं है। तथागत गौतम बुद्ध ने प्रज्ञा व करुणा को धम्म के दो प्रमुख स्तम्भ कहा है, प्रज्ञा का अर्थ है-सत्य का ज्ञान है।
Published on:
23 May 2024 03:06 pm
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