पिछले 5 वर्ष में भाजपा नेताओं के खिलाफ जिले में करीब 15 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इसमें से अधिकांश मामले धरना-प्रर्दशन, आंदोलन, चक्का जाम, शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के शामिल है। बताया जाता है कि इसमें अधिकांश मामले पिछले काफी समय से लंबित है। जनहित में इसे वापस लिया जा सकता है। ज्ञात हो कि गृहमंत्री विजय बघेल राजनीतिक प्रकरणों को वापस लिए जाने की घोषणा पहले ही कर चुके है।