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भाजपा नेताओं पर दर्ज मामले होंगे वापस, गृहमंत्री ने मांगी जानकारी… कांग्रेस की सरकार में लगे थे झूठे आरोप

BJP Government In Chhattisgarh : बस्तर में भाजपा नेताओं पर दर्ज हुए मामले अब वापस होंगे। इसके लिए तैयारी भी शुरू हो गई है।
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जगदलपुर

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Kanakdurga jha

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Updated: 14 Mar 2024, 12:35 PM IST

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BJP Govt In Chhattisgarh : बस्तर में भाजपा नेताओं पर दर्ज हुए मामले अब वापस होंगे। इसके लिए तैयारी भी शुरू हो गई है। (cg bjp party) दरअसल हाल ही में बस्तर दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा से भाजपा जिलाध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने मुलाकात के दौरान भाजपा नेताओं पर पिछले कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विरोध प्रदर्शन समेत अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान हुए मामलों पर दर्ज कि गए मामले को वापस लेने की मांग की थी। इस पर उन्होंने सहमति जताई। (bjp party) इसके बाद से इस मामले ने तेजी पकड़ ली है।

जिलाध्यक्ष बोले, राजनीतिक द्वेष से हुई कार्रवाई

गृहमंत्री से हरी झंडी मिलते ही जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने पुलिस प्रशासन से बातचीत कर ऐसे मामलों को चिन्हाकिंत कर उनकी जानकारी देने के लिए कहा है। (chhattisgarh bjp) जिससे की इन मामलों का निपटान किया जा सके। पत्रिका से बात करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने बताया कि पिछली कांग्रेस की सरकार ने द्वेष पूर्वक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं पर कई मामले दर्ज किए थे। यह पूर्णत: राजनीतिक थे। इसलिए इन्हें वापस लिया जाना जरूरी है। (chhattisgarh bjp party) इसके लिए गृहमंत्री से भी चर्चा हुई थी। मामलों की जानकारी मांगी गई है।

इतने दर्ज हैं मामले

पिछले 5 वर्ष में भाजपा नेताओं के खिलाफ जिले में करीब 15 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इसमें से अधिकांश मामले धरना-प्रर्दशन, आंदोलन, चक्का जाम, शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के शामिल है। बताया जाता है कि इसमें अधिकांश मामले पिछले काफी समय से लंबित है। जनहित में इसे वापस लिया जा सकता है। ज्ञात हो कि गृहमंत्री विजय बघेल राजनीतिक प्रकरणों को वापस लिए जाने की घोषणा पहले ही कर चुके है।


यह है नियमविधि विभाग संबंधित जिले के अभियोजन शाखा को वापसी योग्य मामलों की सूची सौंपेंगे। इसके आधार पर अभियोजन अधिकारी आवेदन तैयार कर इसे अदालत में पेश करेंगे। साथ ही शासन की ओर से अपना अभिमत भी देंगे। इस दौरान किसी भी तरह की आपत्ति नहीं आने पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी। इसी तरह थानों में दर्ज प्रकरणों का खात्मा करने के लिए फाइल पुलिस मुख्यालय भेजी जाएगी। वह थानों से जानकारी एकत्रित कर इसे गृहविभाग को भेजेंगे। इस पर विचार करने के बाद गृहविभाग अनुमति द्वारा आदेश जारी किया जाएगा। इसके आधार पर थानों में दर्ज प्रकरणों का खात्मा किया जाएगा। गौरतलब है कि इसके पहले भी कांग्रेस शासनकाल में नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी के लिए आवेदन लगाया गया था।


गृहमंत्री से हरी झंडी के बाद इसकी कवायद शुरू हो गई है। जिले के अभियोजन अधिकारियों व पुलिस प्रशासन द्वारा इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। उनके खिलाफ दर्ज प्रकरणों की संख्या, उनकी वर्तमान स्थिति और वापसी योग्य विचाराधीन मामलों का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद विधि विभाग को भेजा जाएगा। इसकी स्वीकृति मिलते ही संबंधित अदालत में प्रकरण वापसी के लिए आवेदन लगाया जाएगा।