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कांजी हाऊस में सीमित जगह और दाना-पानी की कमी के बीच तड़प रहे मवेशी

निगम ने दो महीने पहले व्यवस्था सुधारने की बात कही लेकिन हालात जस के तस

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कांजी हाऊस में सीमित जगह और दाना-पानी की कमी के बीच तड़प रहे मवेशी

शहर से पकडक़र छोटे बछड़े यहां लाए जा रहे, जिनकी मौत की संख्या बढ़ी है।

जगदलपुर। शहर में दो महीने पहले परपा स्थित निगम के कांजी हाऊस की अव्यवस्था को लेकर खूब शोर मचाया गया। भाजपा के साथ ही अन्य जागरूक सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर प्रदर्शन किया। एक संगठन के बेमिययादी धरने को खत्म करवाते हुए निगम ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही कांजी हाऊस की व्यवस्था सुधार दी जाएगी लेकिन ऐसा आज दो महीने के बाद भी नहीं हो पाया है। कांजी हाऊस में अब भी सीमित जगह और दाना-पानी की कमी के बीच मवेशियों की मौत हो रही है। पिछले कुछ दिनों में बड़े मवेशियों की तुलना मे छोटे गौवंशों की मौत यहां बढ़ी है। पर्याप्त खुराक नहीं मिलने की वजह मौत का आंकड़ा बढऩे की बात बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि निगम कांजी हाऊस को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। यही वजह है कि यहां आए दिन मूक मवेशियों की मौत हो रही है। पूर्व में भाजपा ने कांजी हाऊस को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था लेकिन अब वह भी इस मामले में बैकफुट पर आ चुकी है और कांजी हाऊस में एक बार फिर मनमानी खबरें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि कांजी हाऊस में जितने मवेशियों को रखने की जगह है उससे ज्यादा यहां पर रखे जा रहे हैं।

रोका-छेका अभियान शुरू होने के बाद और बिगड़े हालात
निगम ने १७ जुलाई को हरियाली अवावस्या के मौके पर रोका-छेका अभियान की शुरुआत की। इसके बाद से यहां मवेशियों को लाने की संख्या बढ़ गई। लगातार मवेशियों को यहां लाया जा रहा है। इस वजह से समस्या और बढ़ती जा रही है। कांजी हाऊस से मवेशियों को नीलाम किए जाने की प्रक्रिया भी इतनी धीमी है कि यहां से मवेशी कम ही नहीं हो रहे हैं। यहां के लाए गए मवेशियों को ले जाने के लिए आमतौर पर कम ही लोग आगे आते हैं।

संचालक ने कहा-नीलामी के पैसों से करते हैं पूरी व्यवस्था
कांजी हाऊस की अव्यवस्था को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे सक्षम के संयोजक अविनाश सिंह गौतम बताते हैं कि कांजी हाऊस के संचालन का जिम्मा निगम ने जिसे दे रखा है उससे जब पूछा जाता है कि यहां की व्यवस्था इतनी खराब क्यों है तो वह कहता है कि पूरी व्यवस्था नीलामी के पैसों से ही होती है। निगम कोई अतिरिक्त फंड मुहैया नहीं करवाता है। नीलामी की संख्या जब ज्यादा होगी आय बढ़ेगी तभी तो व्यवस्था को और बेहतर कर पाएंगे।

मौत के बाद बिना पीएम के वहीं दफनाने का आरोप
कांजी हाऊस संचालक पर आरोप है कि वह मवेशियों की मौत के बाद उन्हें वहीं दफना देता है वह भी बिना पीएम के। इसकी सूचना समय पर निगम और पशुधन विभाग को भी नहीं दी जाती है। कांजी हाऊस को लेकर जो गाइड लाइन तय की गई है उसके अनुसार मवेशियों को वहां बिल्कुल भी नहीं दफनाया जा सकता फिर भी इस नियम का उल्लंघन किया जा रहा है।