4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: वित्त समिति सदस्यों ने पेश किया 10 करोड़ घाटा का बजट, बस्तर विश्वविद्यालय 2025-26 में खर्च करेगा 68.12 करोड़ रुपए

CG News: राज्य सरकार की मंशा के अनुसार विश्वविद्यालय ने अप्रैल माह में ई-गर्वनेंस के प्रावधान को अपना लिया है। इसके अंतर्गत परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम का काम पूरी तरह आटोमेशन से होना है।

2 min read
Google source verification
CG News: वित्त समिति सदस्यों ने पेश किया 10 करोड़ घाटा का बजट, बस्तर विश्वविद्यालय 2025-26 में खर्च करेगा 68.12 करोड़ रुपए

CG News: शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय वित्त समिति ने वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए अनुमानित बजट को स्वीकृति दे दी है। इस बजट में 57. 61 करोड़ रुपए आय को दर्शाया गया है। इसकी तुलना में विश्वविद्यालय अनुमानित 68. 12 करोड़ रुपए खर्च करेगा। कुल मिलाकर विवि ने दस करोड़ रुपए घाटा के बजट को पेश किया है। इस बजट को कार्यपरिषद की स्वीकृति मिल गई है।

CG News: अनुमानित बजट पेश

जबकि बीते वित्तीय वर्ष 2024- 25 का रिवाइज व पुनरीक्षित बजट में 29. 12 का आय व 35.31 करोड़ रुपए का संभावित व्यय दर्शाया गया है। यह 6.19 करोड़ रुपए अधिक्यत का है। ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय का वास्तविक व्यय का बजट अनुमान एक अप्रैल से 30 नवंबर तक का रहता है। इसके बाद मार्च माह तक के लिए अनुमानित बजट पेश किया जाता रहा है।

प्रस्तावित योजनाओं पर होगा खर्च

विश्वविद्यालय को उसके विकास के लिए शासन स्तर पर भूमि आवंटित किया गया है। इस पर भवन निर्माण प्रगति पर है। इसके अलावा विवि में संचालित 30 अध्ययनशालाएं, 35 पाठ्यक्रम का संचालन किया जाना है। विवि लाइब्रेरी को सुविधाजनक बनाने पुस्तकों व शोध पत्रिका की हार्ड कापी व डिजीटल लाइब्रेरी का प्रावधान किया गया है। गेस्ट हाउस व हास्टल का निर्माण व उसके फनीर्चर की उपलब्ता पर खर्च होना है।

यह भी पढ़ें: CG News: नई शिक्षा नीति की आड़ में छात्रों का शोषण नहीं करेंगे बर्दाश्त, पूर्व विधायक का बड़ा बयान

विश्वविद्यालय ने अप्रैल माह में ई-गर्वनेंस के प्रावधान को अपना लिया

CG News: राज्य सरकार की मंशा के अनुसार विश्वविद्यालय ने अप्रैल माह में ई-गर्वनेंस के प्रावधान को अपना लिया है। इसके अंतर्गत परीक्षा एवं परीक्षा परिणाम का काम पूरी तरह आटोमेशन से होना है। डिग्री व सभी अभिलेखों का डिजटलाइजेशन की योजना पर काम होना है। इसके लिए आफिस आटोमेशन व ई-गर्वनेंस के लिए राशि का प्रावधान किया गया है।

विश्वविद्यालय को शासन से अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन अनुदान मिलते हैं। जबकि सामान्य मद, परीक्षा मद, शारीरिक शिक्षा मद व रुसा से प्राप्त मद से विवि के विकास परक योजनाएं संचालित की जाती रही हैं। विवि प्रबंधन का अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष में उसे रुसा से दस करोड़ रुपए का अनुमानित अनुदान हासिल हो सकता है।