
महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी (Photo source- Patrika)
CG News: बस्तर में युवतियों के बीच अब करियर के प्रति सोच और प्राथमिकताएं बदल रही हैं। पढ़ाई के दौरान रोजगार परक विषयों में उनका क्रेज बढ़ा है। यही वजह है कि धरमु माहरा महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में इस साल की प्रवेश प्रक्रिया में जहां मॉर्डन ऑफिस मैनेजमेंट (एमओएम) कोर्स की सभी सीटें फुल हो गईं, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कोर्स युवतियों को आकर्षित करने में नाकाम रहा।
कुल 45 सीटों की क्षमता वाले इस कोर्स में सिर्फ 11 ही प्रवेश लिए हैं। इसके अलावा सीडीडीएम में 30 के मुकाबले 14 व आईटी के 30 के बदले 21 युवतियां दाखिला लिए हैं। जबकि एमओएम कोर्स की सभी सीटें भर जाने के बाद कई छात्राएं निराश भी हुईं।
महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जगदलपुर की प्राचार्य एसके त्रिवेदी ने बताया कि इस बार भी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का प्रयास है कि जो भी छात्राएं यहां दाखिला लें, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए।
एमओएम कोर्स को पसंद करने के पीछे कारण साफ हैं। इसमें छात्राओं को कंप्यूटर एप्लीकेशन, अकाउंट्स, डाटा एंट्री, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन और कम्युनिकेशन स्किल जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। यही वजह है कि इस कोर्स को पूरा करने के बाद निजी कंपनियों, बैंकों, सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं अधिक रहती हैं। छात्राओं का मानना है कि यह कोर्स उनके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक करियर विकल्प देता है। खासकर स्थानीय स्तर पर रहते हुए उन्हें जॉब मिलने की संभावना रहती है।
CG News: इसके उलट इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कोर्स की सीटें इस बार खाली रह गईं। 45 सीटों में सिर्फ 11 पर ही प्रवेश हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी कोर्स में अधिक मेहनत, प्रयोगशाला कार्य और बाद में बड़े शहरों की ओर रोजगार के लिए जाना पड़ता है। यही कारण है कि ग्रामीण और छोटे कस्बों की छात्राएं इस कोर्स से दूरी बना रही हैं।
Updated on:
22 Aug 2025 12:44 pm
Published on:
22 Aug 2025 12:20 pm
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